मैड्रिड ओपन: सबालेंका ने ब्लिंकोवा को हराया, पूर्व चैंपियन जबूर उलटफेर का शिकार
आर्यना सबालेंका ने मैड्रिड ओपन के दूसरे दौर में रूस की अन्ना ब्लिंकोवा को 6-3, 6-4 से हराया। सबालेंका की यह 18वीं जीत रही, उन्हें 4 बार हार मिली है। वह 2021 और 2023 में यह खिताब जीत चुकी हैं और पिछले साल स्वियातेक के खिलाफ उपविजेता रही थीं।

मैच की शुरुआत में ही सबालेंका ने 5-0 की बढ़त बनाई थी। उन्होंने एक ब्रेक गंवाया, लेकिन 48वें मिनट में तीसरे सेट प्वाइंट पर पहला सेट जीता। दूसरा सेट एकतरफा रहा, जिसमें उन्होंने शुरुआती ब्रेक के बाद बढ़त बनाए रखी।
तीसरे दौर में उनका सामना एलिस मर्टेंस या कोलंबिया की कैमिला ओसोरियो से होगा। सबालेंका के तीनों ग्रैंड स्लैम खिताब हार्ड कोर्ट पर आए हैं, लेकिन उन्होंने क्ले कोर्ट पर भी दो फाइनल जीतकर अपनी ताकत साबित की है।
उन्होंने माना कि फ्रेंच ओपन उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा है, जहां वह 2023 में सेमीफाइनल और 2024 में क्वार्टरफाइनल में हारी थीं। उन्होंने कहा, “हर बार जब मैं रोलां गैरोज़ जाती हूं, तो यह एक चुनौती होती है, लेकिन मुझे ऐसी चुनौतियां पसंद हैं। उम्मीद है एक दिन वह खूबसूरत ट्रॉफी मेरी कलेक्शन में होगी।”
2022 चैंपियन ट्यूनीशिया की ओंस जबूर पहले ही दौर में जापान की मोयुका उचिजिमा से 4-6, 6-3, 6-4 से हारकर बाहर हुई। ग्रीस की मारिया सक्कारी ने 29वीं सीड माग्दा लिनेट को 7-6(5), 6-3 से हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई।
पुरुष वर्ग में जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने स्पेन के रॉबर्टो बॉतिस्ता अगुत को 6-2, 6-2 से हराया। उन्होंने मैच में 32 विनर्स लगाए और 24 अनफोर्स्ड एरर किए।
दो बार के मैड्रिड चैंपियन ज्वेरेव ने कहा, “यह कोर्ट मेरी फेवरेट सेंटर कोर्ट है। मैंने यहां पूरी जिंदगी में दो मैच हारे हैं और उम्मीद है कि यह सिलसिला अगले 10 दिनों तक जारी रहेगा।” अगला मुकाबला उनका नूनो बोरजेस या डेविडोविच फोकिना से होगा।
पिछले साल के फाइनलिस्ट फेलिक्स ऑगर-अलियासिम पहले ही दौर में अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से 7-6(5), 6-4 से हार गए। इस हार के बाद वह टॉप 25 रैंकिंग से बाहर हो सकते हैं। उनके भाई फ्रांसिस्को सेरुंडोलो ने क्वालिफायर हेरोल्ड मायोट को 6-3, 6-4 से हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई।
उनका सामना अपने ही देश के फ्रांसिस्को कोमेसाना से होगा, जिन्होंने 13वीं सीड आर्थर फिल्स को 7-6(4), 6-4 से हराया।
फ्रांस के आर्थर फिल्स ने क्ले कोर्ट पर पहली बार लागू हुई लाइव इलेक्ट्रॉनिक लाइन कॉलिंग की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोर्ट पर दिख रही बॉल मार्क और वीडियो में दिखाई जा रही पोजीशन मेल नहीं खातीं।
कोमेसाना ने भी तकनीक की सटीकता पर सवाल उठाए, लेकिन फिर भी इसे लाइन जज और चेयर अंपायर से बेहतर विकल्प बताया।