चैंपियंस लीग : पीएसजी ने रचा इतिहास, इंटर मिलान को 5-0 से रौंदकर जीता पहला खिताब
पेरिस सेंट-जर्मेन ने डिजायर डोए के दो गोल से शनिवार को खेले गए एकतरफा फाइनल में इंटर मिलान को 5-0 से हराकर पहली बार यूरोपीय क्लब फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता चैंपियंस लीग का खिताब जीता।

पीएसजी ने दर्शकों के समर्थन के बीच बेहतरीन खेल का नजारा दिखाया और इंटर के समर्थकों को आखिरी सिटी बजने से पहले ही स्टेडियम छोड़ने के लिए मजबूर किया। पीएसजी से डोए ने 20वें और 63वें मिनट में गोल किए। उनके अलावा अचरफ हकीमी (12वें), ख्विचा क्वारात्सखेलिया (73वें) और स्थानापन्न सेनी मायुलु (86वें) ने एक एक गोल करके पीएसजी की रिकॉर्ड जीत पक्की की।
यह पिछले 70 वर्षों में चैंपियंस लीग के फाइनल में किसी भी टीम की सबसे बड़ी जीत है। पीएसजी के कोच लुई एनरिक ने कहा, ‘‘अब हमारे पास चैंपियंस लीग की ट्रॉफी है। जब मैं पीएसजी से जुड़ा था तो मैंने पहले दिन ही कहा था कि हमारा लक्ष्य चैंपियंस लीग का खिताब जीतना है। यह एकमात्र ट्रॉफी थी जिसे हम अभी तक नहीं जीत पाए थे।’’
यह वह ट्रॉफी थी जो लियोनेल मेस्सी, नेमार या किलियन एमबाप्पे भी फ्रांस के इस क्लब को नहीं दिला पाए थे। पीएसजी 2020 में चैंपियंस लीग के फाइनल में पहुंचा था लेकिन तब वह बायर्न म्यूनिख से हार गया था, जिसके बाद नेमार लिस्बन के खाली स्टेडियम में रो पड़े थे।
कोरोना महामारी के कारण तब यह मैच खाली स्टेडियम में खेला गया था। इस बार माहौल पूरी तरह से भिन्न था। पीएसजी के हजारों समर्थक स्टेडियम में थे। वे झंडे लहरा रहे थे, पटाखे जला रहे थे और अपने प्रतिद्वंद्वियों इंटर के समर्थकों का शोरगुल दबा रहे थे, जिनमें से कई समर्थक अंतिम सीटी बजने से काफी पहले ही स्टेडियम से चले गए थे।
पीएसजी के समर्थक पूरे दिन म्यूनिख की सड़कों पर पार्टी करते रहे, लेकिन वह उस खुशी के दृश्य की तुलना में कुछ भी नहीं था, जब कप्तान मार्क्विनहोस ने ट्रॉफी को अपने हाथों में उठाया और उनके पीछे आतिशबाजी और सुनहरे कंफेद्दी (कागज के छोटे टुकड़े) हवा में उड़ रहे थे।