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लॉर्ड्स टेस्ट : इंग्लैंड ने भारत को 22 रन से हराया, सीरीज में 2-1 की बढ़त

लॉर्ड्स पर जिस तरह की टेस्ट क्रिकेट की उम्मीद होती है भारत और इंग्लैंड ने ठीक उसी प्रतिद्वंद्वी क्रिकेट का नजारा पेश किया। आखिरी दिन दोनों टीमों जीत से बराबरी की दूरी पर खड़ी थी। सीरीज का अगला मैच 23 जुलाई को खेला जाएगा।

@BCCI

यहाँ किस्मत, रणनीति और जुझारूपन से जीत मिली थी जो मेजबान टीम ने दिखाया और भारत को तीसरे मैच में 22 रनों से हराया। जीत के लिए भारत को 193 रन बनाने थे। आखिरी दो दिन लॉर्ड्स की पिच पर बल्लेबाजी करना मुश्किल था और यही हुआ। भारत काफी संघर्ष के बाद 170 रन ही बना सका।

इंग्लैंड ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने आखिरी दिन ज्यादा देर का खेल चलने भी नहीं दिया और जल्दी-जल्दी भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेज जीत हासिल की। भारत ने दिन की शुरुआत चार विकेट पर 58 रनों से की थी। केएल राहुल 33 रनों के साथ उतरे और उनके साथ थे ऋषभ पंत।

नौ रनों के निजी स्कोर पर पंत जोफ्रा आर्चर की गेंद पर बोल्ड हो गए। राहुल को स्टोक्स ने एलबीडब्ल्यू किया। वह 58 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 39 रन बनाने में सफल रहे। आर्चर ने अपनी ही गेंद पर शानदार कैच लपक वॉशिंगटन सुंदर की पारी का अंत किया। रवींद्र जडेजा और नीतीश कुमार रेड्डी ने कुछ देर पैर जमाए जिससे भारत को उम्मीद बंधी।

इस उम्मीद को क्रिस वोक्स ने तोड़ दिया। उन्होंने रेड्डी को 112 के कुल स्कोर पर आउट किया। वह 53 गेंदों पर 13 रन बनाने में सफल रहे। जडेजा को साथ मिला बुमराह का। दोनों ने 35 रनों की साझेदारी कर भारत जीत दिलाने की कोशिश की। बुमराह अच्छे तरह से जडेजा का साथ दे रहे थे।

जडेजा रन बना रहे थे और बुमराह क्रीज पर खड़े होकर भारत के लिए लड़ाई लड़ रहे थे। टीम का स्कोर 147 रनों तक पहुंच गया था। तभी स्टोक्स की गेंद पर बुमराह ने पुल खेल दिया और अतिरिक्त फील्डर कुक ने उनका कैच लपका। यहां से भारत की जीत लगभग नामुमकिन हो गई थी।

बुमराह के जाने के बाद सिराज ने जडेजा का साथ दिया और टीम को जीत के करीब ले गए। इस जोड़ी ने भी इंग्लैंड की परेशानी बढ़ा दी थी।

सिराज भी आराम से बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन किस्मत को शायद भारत की जीत मंजूर नहीं थी। शोएब बशीर की गेंद पर सिराज ने बैकफुट पर डिफेंस किया और गेंद बीच बल्ले पर लगने के बाद जमीन पर टकरा कर स्टम्प पर जा लगी और भारत का आखिरी विकेट गिर गया।

जडेजा 61 रन बनाकर नाबाद रहे। उनका संघर्ष किस्मत के आगे हार गया। अपनी पारी में इस ऑलराउंडर ने 181 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का मारा। भारत और इंग्लैंड दोनों ने इस मैच में अपनी-अपनी पहली पारी में 387 रनों का समान स्कोर बनाया था।

तीसरे दिन आखिरी सेशन में टीम इंडिया की पारी का अंत हुआ और इंग्लैंड ने ड्रामे के बाद सिर्फ एक ओवर खेला। चौथे दिन मेजबान टीम ने बिना किसी नुकसान के दो रनों के साथ चौथे दिन की शुरुआत की। भारतीय गेंदबाजों ने उसे बड़े स्कोर पर जाने नहीं दिया।

चौथे दिन से ही इस विकेट पर बल्लेबाजी मुश्किल हो गई थी। मोहम्मद सिराज ने बेन डकेट (12) और ओली पोप (4) को अपना शिकार बनाया। नीतीश कुमार रेड्डी ने जैक क्रॉली (22) को आउट कर इंग्लैंड को तीसरा झटका दिया। आकाशदीप ने हैरी ब्रूक (23) की पारा का अंत किया। इसके बाद स्टोक्स औऱ जो रूट ने पैर जमाए। दोनों ने 67 रन जोड़े। फिर सुंदर ने अपनी फिरकी का कमाल दिखा इस साझेदारी को तोड़ा। रूट 40 रन बनाकर आउट हुए।

आठ रन बनाने वाले जेमी स्मिथ भी सुंदर का शिकार बने। ब्रायडन कार्स (1), क्रिस वोक्स (10) को बुमराह ने आउट किया। सुंदर ने स्टोक्स की 33 रनों की पारी का अंत किया। सुंदर ने शोएब बशीर को आउट कर इंग्लैंड को 192 रनों पर समेट दिया। भारतीय बल्लेबाजों की कोशिश थी कि वह विकेट न गिरने दें।

वहीं इंग्लैंड की कोशिश थी कि वह ज्यादा से ज्यादा विकेट ले। मेजबान टीम अपनी कोशिश में सफल रही। उसने दिन का अंत होने तक अपने चार विकेट खो दिए।

यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले आर्चर का शिकार बने। करुण नायर ने फिर निराश किया। वह 14 के निजी स्कोर पर कार्स की गेंद पर आउट हुए। कार्स ने शुभमन गिल को भी अपना शिकार बनाया। भारत ने नाइटवॉचमैन के रूप में आकाशदीप को भेजा जो 11 गेंदों पर एक रन बनाकर स्टोक्स की गेंद पर बोल्ड हो गए। यहीं चौथे दिन का अंत कर दिया गया।