आईसीसी धीमी ओवर गति नियमों पर बेन स्टोक्स का कड़ा रुख, हस्ताक्षर से इनकार
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स स्लो ओवर रेट के लिए आईसीसी पर अक्सर हमलावर नजर आते हैं। स्लो ओवर रेट संबंधी कागजी कार्रवाई पर बेन स्टोक्स काफी समय से हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं।

भारत के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्लो ओवर रेट के कारण उनकी टीम के दो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) अंक आईसीसी ने काट लिए थे। इंग्लैंड ने मैच तो जीत लिया, लेकिन धीमी ओवर गति के कारण उसे डब्ल्यूटीसी के दो महत्वपूर्ण अंक गंवाने पड़े।
इससे उसके कुल अंक घटकर 22 रह गए। जीत प्रतिशत भी घट गया है। बेन स्टोक्स ने कहा कि आईसीसी को दुनिया भर की अलग-अलग परिस्थितियों को देखते हुए ओवर गति के मौजूदा नियमों की समीक्षा करनी चाहिए। स्टोक्स ने मंगलवार को चौथे टेस्ट की पूर्व संध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा हूं।
ओवर रेट ऐसी चीज नहीं है जिसकी मुझे चिंता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं जानबूझकर गति धीमी कर रहा हूं। मैं इससे जुड़ी निराशा को समझता हूं, लेकिन मुझे सच में लगता है कि इसके तरीके पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘आप एक ही नियम एशिया और दूसरी जगहों के लिए नहीं रख सकते हैं। एशिया में स्पिन गेंदबाज लगभग 70 प्रतिशत ओवर डालते है। न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड में 70-80 प्रतिशत ओवर तेज गेंदबाज डालते हैं। यह तो सामान्य ज्ञान है कि स्पिनर को ओवर डालने में कम समय लगता है।
ऐसे में आपको विभिन्न महाद्वीपों में ओवर रेट के समय को बदलने पर विचार करना चाहिए।’’ स्टोक्स का मानना है कि कई बार खेल की गति धीमी करने की जरूरत होती है और इसका असर ओवर रेट पर भी पड़ता है। इंग्लैंड के कप्तान पहले भी ओवर रेट को लेकर आवाज उठा चुके हैं। एक बार फिर से उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पिछले कुछ वर्षों से ओवर रेट में गिरावट आई है। मुझे आश्चर्य है कि क्या यह रन गति के बढ़ने के कारण ऐसा हो रहा है।
गेंद अक्सर बाउंड्री के पार जा रही है। इसमें जाहिर तौर पर काफी ज्यादा समय लगेगा।’’ स्टोक्स ने कहा कि स्पिन गेंदबाज के चोटिल होने से भी ओवर रेट का मामला गड़बड़ा जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘ बशीर (शोएब बशीर) को चोट लगी थी, जो एक स्पिनर हैं।
इसलिए हम पांचवें दिन अपने स्पिनर का उतना उपयोग नहीं कर पाए जितना हम चाहते थे। हमें पूरे दिन लगभग तेज गेंदबाजी करनी पड़ी। यह स्पष्ट है कि इससे ओवर रेट की गति कम होगी।
खेल में ऐसे भी दौर होते हैं जहां आप हर चीज को धीमा करने की कोशिश करते हैं। कई बार यह रणनीतिक कारणों से होता है। मुझे लगता है कि इतनी सारी चीजें हैं जो आपकी ओवर-रेट को प्रभावित करती हैं, कि यह इतना आसान नहीं हो सकता कि ‘यह समय है, आपको यह करना है’ क्योंकि आप क्रिकेट की गुणवत्ता को शीर्ष बनाए रखना चाहते हैं।’’