खेलों में नई दिशा : लोकसभा में ऐतिहासिक विधेयक पारित
वैश्विक स्तर का खेल ढांचा तैयार करने, खेल प्रशासन को ज्यादा जवाबदेह और पारदर्शी बनाने तथा प्रतिभाओं को आसानी से सामने लाने के इरादे से तैयार राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक को लोकसभा ने ध्वनि मत से पारित कर दिया।

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने विधेयक को सदन में पारित कराने के लिए पेश करते हुए कहा कि सरकार ने देश में खेलों को बढावा देने के लिए ‘खेलो इंडिया’ जैसे कार्यक्रम शुरु किये हैं, जिसके कारण देश के कोने कोने से खेल प्रतिभाएं सामने आ रही हैं और वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर रही हैं।
इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में एक हजार से ज्यादा खेलो इंडिया खेल चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अच्छा कोच मिले, खेलने के देश और विदेश में अवसर मिले और रोजगार सुलभ कराया जा सके, इस दिशा में यह विधेयक महत्वपूर्ण साबित होगा।
उनका कहना था कि यह विधेयक 25 साल से इंतजार कर रहा है लेकिन किसी सरकार ने इसे संसद तक नहीं पहुंचने दिया। इसका पहला प्रस्ताव 1995 में बन गया था लेकिन विधेयक नहीं आया।
उसके बाद की सरकारों ने विधेयक तैयार करवाया और इसे कैबिनेट तक लाने का रास्ता भी बनाया लेकिन कुछ स्वार्थी ताकतों के कारण विधेयक का प्रस्ताव पारित नहीं हो सका, लेकिन मोदी सरकार ने किसी की परवाह किये बिना यह विधेयक बनाया और संसद में पेश कर इसे पारित करवा दिया है।
उन्होंने कहा कि खेल फेडरेशन में महिला अधिकारी को खेल प्रतिभाओं को सामने लाने तथा महिला खिलाड़ियों को निडर होकर आगे बढने के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण है।
विधेयक तैयार करने में एक साल से ज्यादा का वक्त लगा और सार्वजनिक रूप से इसमें 1000 लोगों की सलाह आयी है जिस पर विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले विचार किया गया। विधेयक को अत्यंत पारदर्शी बनाया गया है। यह विधेयक देश में पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वस्तरीय खेल ढांचा बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
खेलमंत्री ने आगे कहा कि इस विधेयक का मकसद राष्ट्रीय खेल संघों में बेहतर प्रशासन और गुटबाजी पर रोक लगाना है। इसमें बीसीसीआई जैसी मजबूत संस्था समेत सभी खेल संघों के लिए स्पष्ट नियम और एक शासन बोर्ड के गठन का प्रावधान है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक, 2025 में विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के सुझावों के मुताबिक संशोधन किए गए हैं। इस विधेयक का मकसद एथलीटों की तैयारी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कर प्रतियोगिताओं की निष्पक्षता को मजबूत करना है।
मांडविया ने साथ ही सदस्यों से राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक, 2025 को भी पारित करने का अनुरोध किया और कहा कि विधेयक में वाडा यानी विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के सुझावों के मुताबिक संशोधन किए गए हैं। इसका उद्देश्य एथलीटों की तैयारी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना और प्रतियोगिताओं की निष्पक्षता को मजबूत करना है।
खेलमंत्री मांडविया ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश का ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन अब तक संतोषजनक नहीं रहा है, जबकि तैयारी का स्तर उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये विधेयक भारतीय खेलों में संरचना, पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धात्मकता को नयी ऊंचाई देंगे।
इससे पहले विधेयक पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए तेलुगु देशम पार्टी के केसिनेनी शिवनाथ ने कहा कि यह विधेयक बहुत सशक्त है। इससे खिलाड़ियों को आगे लाने और खेल नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। इसके माध्यम से शिकायत निवारण को भी मजबूत किया गया है ताकि खिलाड़ियों को इसका लाभ मिले।
सरकार ने विधेयक के माध्यम से खेलों को बढावा देने का प्रयास किया है जो सराहनीय कदम है। यह युवाओं को अवसर देने वाला विधेयक है जिससे विकसित भारत के संकल्प को पूरा किया जाएगा।
भाजपा के गणेश सिंह ने सदन में विपक्ष के कार्यकलाप की निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस प्रकार खेलों को बढावा देने का संकल्प लिया उसका परिणाम देखने को मिल रहा है।
ओलंपिक के कई खिलाड़ी विश्व में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। इस विधेयक से भारतीय खेल प्रणाली में संस्थागत सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक और युगांतकारी पहल है। यह विधेयक भारत को वैश्विक खेल मंच पर एक नैतिक सक्षम,सशक्त नेतृत्व देने के वाला है।