भारत दुनिया की सुस्त अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने में सक्षम- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ET World Leaders Forum 2025 में भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और “Reform, Perform, Transform” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने दावा किया कि भारत अब ऐसी स्थिति में है कि वैश्विक सुस्ती को भी गति दे सकता है.
कर सुधार से लेकर GST तक बड़े ऐलान
प्रधानमंत्री ने कहा कि 60 साल बाद आयकर कानून में बड़ा बदलाव किया गया है और इसे आसान भाषा में लिखा गया है ताकि आम आदमी को इसका सीधा लाभ मिल सके. उन्होंने यह भी बताया कि विपक्ष के हंगामे के बावजूद सरकार ने संसद के मानसून सत्र में कई अहम सुधार पूरे किए. जन विश्वास बिल 2.0 पास हुआ, जो भरोसे और जनहित आधारित सुशासन को मजबूत करेगा. नया आयकर कानून लाया गया, जिसे और सरल बनाया गया है।
पीएम मोदी ने यह भी ऐलान किया कि GST सुधार दिवाली तक पूरे कर दिए जाएंगे, जिससे टैक्स सिस्टम आसान होगा, मैन्युफैक्चरिंग और डिमांड को बढ़ावा मिलेगा और लोगों की जिंदगी व कारोबार करने की प्रक्रिया और सहज होगी.
बैंकों की मजबूती और निवेशकों का भरोसा
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत के बैंक पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं, महंगाई और ब्याज दरें कम हैं, चालू खाता घाटा नियंत्रण में है और विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर है. उन्होंने बताया कि हर महीने घरेलू निवेशक भारी मात्रा में SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि जून में 24 लाख से अधिक औपचारिक नौकरियां EPFO में जुड़ीं, खुदरा महंगाई 2017 के बाद से सबसे कम स्तर पर है और यह भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद का संकेत है.
विकसित भारत 2047 और नई तकनीक पर फोकस
मोदी ने अपने 15 अगस्त के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि साल के अंत तक बाजार में पहली Made-in-India चिप उपलब्ध होगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत खेल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में तैयारी कर रहा है.
उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत 2047 का सपना आत्मनिर्भर भारत की नींव पर टिका है. इसके लिए रिसर्च और डेवलपमेंट को और तेज करना होगा. मोदी ने निजी कंपनियों और उद्योग जगत से अपील की कि वे क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएं.