भारत-पाक तनाव के बीच यूएई टीम में एकजुटता की मिसाल
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की क्रिकेट टीम पर कोई असर नहीं पड़ा है, इस टीम में दोनों देशों के मूल के खिलाड़ी हैं।

यूएई में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों की संख्या लगभग बराबर है। टीम में सिमरनजीत सिंह, राहुल चोपड़ा, हर्षित कौशिक, ध्रुव पाराशर और अलीशान शराफू भारतीय मूल के हैं, जबकि कप्तान मुहम्मद वसीम (जन्म: मुल्तान), हैदर अली, जुनैद सिद्दीकी, मुहम्मद रोहिद और आसिफ खान पाकिस्तानी मूल से आते हैं।
हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के चलते भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था, जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई।
हालांकि, कप्तान वसीम ने स्पष्ट किया कि टीम के भीतर इस तनाव का कोई असर नहीं पड़ा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव का टीम के आपसी रिश्तों पर कोई प्रभाव पड़ा है या इस पर कोई बातचीत हुई है, तो उन्होंने जवाब दिया, “नहीं। हम इस मुद्दे पर बात नहीं करते, क्योंकि हम एक साथ बहुत क्रिकेट खेलते हैं।
हम एक परिवार की तरह हैं। यहां कोई भारतीय या पाकिस्तानी नहीं है – हम यूएई के लिए खेलते हैं और एकजुट रहते हैं।” इस विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब एक मैच के दौरान टॉस के समय भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।
मैच समाप्त होने पर भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया, जिससे पाकिस्तान नाराज़ हो गया और यहां तक कि टूर्नामेंट से हटने की धमकी दे डाली। बुधवार को पाकिस्तान की टीम यूएई के खिलाफ अपने मैच के लिए स्टेडियम में निर्धारित समय से काफी देर से पहुंची।
यूएई टीम, जो पहले ही दो घंटे पहले स्टेडियम पहुंच चुकी थी, चाहती तो वॉकओवर की अपील कर सकती थी। लेकिन कप्तान वसीम ने ऐसा करने का विचार भी नहीं किया। उन्होंने कहा, “यह हमारी जिम्मेदारी नहीं थी। हम सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दे रहे थे और खेलने के लिए आए थे – हमने वही किया।”
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने भी विवाद से दूरी बनाए रखी। उन्होंने कहा, “मैं इस स्थिति में कोई दबाव महसूस नहीं कर रहा था, क्योंकि ये चीजें मेरे नियंत्रण में नहीं थीं।
ये बोर्ड का काम है, और उन्होंने इसे अच्छे से संभाला। मेरा ध्यान सिर्फ मैच खेलने पर था।” इस पूरे घटनाक्रम में जहां भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में फिर से खटास दिखी, वहीं यूएई टीम ने एकजुटता और पेशेवर रवैया दिखाकर मिसाल पेश की है।