बीएफआई कप में सेना का स्वर्णिम प्रदर्शन, सात गोल्ड मेडल जीतकर मारी बाज़ी
सेना के मुक्केबाज़ों ने पहले बीएफआई कप के पुरुष वर्ग में मंगलवार को बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपना दबदबा कायम रखा। टीम के पांच मुक्केबाज़—एस. विश्वनाथ, मोहम्मद हुसामुद्दीन, वंशज, सचिन और अंकुश—ने अपने-अपने फाइनल में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

एशियाई अंडर-22 विजेता विश्वनाथ (47-50 किलो) ने फाइनल में हरियाणा के आशीष को 5-0 की हराया। आशीष (50-55 किलो) ने एआईपी के नवराज को 3-2 से जबकि हुसामुद्दीन (55-60 किलो) ने साइ के सागर जाखड़ को 5-0 से हराया।
वंशज (60-65 किग्रा) ने अपनी टीम के प्रीत मलिक को 3-2 से, सचिन (70-75 किग्रा) ने हरियाणा के नीरज को 5-0 से और अंकुश (75-80 किग्रा) ने चंडीगढ़ के अमन को इसी अंतर से मात दी। साइ के सुमित कुमार (65-70 किग्रा ) ने सेना के रजत को 5-0 से और दक्ष ने सेना के विशाल गुप्ता (85-90 किलो) को 3-2 से हराकर खिताब जीता।
सेना के नवीन बूरा (80-85 किलो) रेलवे के विनीत को हराकर चैंपियन बने। चंडीगढ़ के सावन गिल (प्लस 90) ने साइ के लक्ष्य राठी को 3-2 से हराया। सेना की टीम सात स्वर्ण पदक के साथ शीर्ष पर रही।
हरियाणा और रेलवे ने पदक तालिका में दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र की खुशी जाधव को महिलाओं और आशीष को पुरुषों में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज चुना गया।