निगार सुल्ताना की भावुक प्रतिक्रिया : हमारी लड़कियां टूटीं, लेकिन हार नहीं मानी
बांग्लादेश आईसीसी वुमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में शानदार खेल दिखा रही है। पाकिस्तान के खिलाफ उलटफेर करने के बाद टीम ने इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका को भी टक्कर दी है।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ सोमवार, 13 अक्टूबर को हुए रोमांचक मैच में हार का सामना करने के बाद बांग्लादेश की टीम टूट गई और उनके खिलाड़ी फूट-फूट कर रोने लगे। इसका खुलासा खुद बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने मैच के बाद किया।
बांग्लादेश को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 गेंदें शेष रहते 3 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। एक समय ऐसा था जब बांग्लादेश ने 232 रनों को डिफेंड करते हुए साउथ अफ्रीका के 5 विकेट 78 के स्कोर पर गिरा दिए थे, मगर वह निचले क्रम के बल्लेबाजों को आउट नहीं कर पाए।

मैच के बाद निगार सुल्ताना ने कहा, “सबसे पहले, मुझे अपनी लड़कियों पर बहुत गर्व है कि उन्होंने मैच की आखिरी गेंद तक कैसे संघर्ष किया, लेकिन मुझे दुख भी है क्योंकि वे ड्रेसिंग रूम में रो रही थीं। वे बहुत छोटी हैं। मैं बहुत खुश हूं क्योंकि उन्होंने मैदान पर अपना 110% दिया, हर रन के लिए संघर्ष किया और वे बहुत भावुक थीं।
उन्हें विश्वास था कि हम यह जीत हासिल कर सकते हैं। यह हमारे लिए एक बड़ी सीख थी।” उन्होंने आगे कहा, “देखिए, हम पावरप्ले में शुरुआती विकेट गंवा रहे थे। हमारी मुख्य योजना पावरप्ले में कोई विकेट न गंवाने और साझेदारी बनाने की थी। हमने आज पिंकी को मैदान पर उतारा। वह एक सीनियर खिलाड़ी हैं।
मध्यक्रम में सभी ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, लेकिन फिर भी हम 10-15 रन पीछे रह गए। शायद आज यही अंतर बड़ा हो सकता था।” सुल्ताना ने बताया कि 30वें ओवर के बाद से उनके हाथ से मैच फिसल गया। ऐसा ही उनके साथ इंग्लैंड के खिलाफ भी हुआ था। बांग्लादेश शुरुआती विकेट तो चटकाने में कामयाब रहता है, मगर आखिरी में टीम दबाव नहीं झेल पाती।
बांग्लादेश की कप्तान ने कहा, “इंग्लैंड के मैच में भी ऐसा ही हुआ था। हम शुरुआत में 5 विकेट लेने में कामयाब रहे, लेकिन 30वें ओवर के बाद मैच हाथ से निकल गया। ब्रेक के दौरान, हम सही लेंथ पर गेंदबाजी करने के बारे में बात कर रहे थे। गेंदबाजों ने वाकई अच्छा प्रदर्शन किया। दुर्भाग्य से बीच में कुछ ऐसा हुआ जो क्रिकेट के खेल में होता है।
यह हमारे लिए एक अच्छा अनुभव था। मेरी टीम बहुत युवा है, लेकिन न्यूजीलैंड के मैच के बाद से उन्होंने शानदार साहस दिखाया है। मैं बस इतना कहूंगी कि सभी को अपने प्रयासों पर गर्व होना चाहिए। यह टूर्नामेंट का हमारा आखिरी मैच नहीं है। हमारे पास अभी 3 और मैच बाकी हैं। हमें गर्व होना चाहिए और हमें अपना सिर ऊंचा रखना चाहिए। हमने उन्हें कड़ी टक्कर दी।”