लक्ष्मी रतन शुक्ला का चयनकर्ताओं पर तंज, शमी को किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
बंगाल के कोच और पूर्व भारतीय ऑलराउंडर लक्ष्मीरतन शुक्ला ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को टीम इंडिया में नहीं चुने जाने की आलोचना की है। उन्होंने बोला कि अपने महत्व को साबित करने के लिए अनुभवी तेज गेंदबाज को किसी से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।
शमी ने गुजरात के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में बंगाल की 141 रन की शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई है। शुक्ला का बयान उसी मैच के बाद आया है। शमी को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारत की वनडे और टी20 टीम में शामिल नहीं किया गया था।
इसे लेकर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा था कि घरेलू सीजन अभी शुरू ही हुआ है, इसलिए पहले ये देखना होगा कि क्या शमी पूरी तरह फिट हैं। उसके जवाब में शमी ने सवाल उठाया था कि अगर वह रणजी ट्रॉफी के लिए फिट हैं तो वनडे के लिए क्यों नहीं।

रणजी मैच में शमी के शानदार प्रदर्शन के बाद बंगाल के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने बिना नाम लिए राष्ट्रीय चयन समिति और उसके चेयरमैन अजीत अगरकर पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, ‘वह (शमी) अपने आप में सर्टिफिकेट है। उन्हें अपने फैंस और मीडिया का समर्थन है और सबसे बड़ी बात सबसे बड़े चयनकर्ता ऊपर वाले (भगवान) का भी उन्हें समर्थन है।’
बंगाल बनाम गुजरात के रणजी ट्रॉफी मैच की बात करें तो शमी ने पहली पारी में 44 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। दूसरी पारी में उन्होंने 5 विकेट झटके। 4 साल बाद उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 5 विकेट हॉल हासिल किया है।
मौजूदा रणजी सीजन में शमी 10.46 की औसत से 15 विकेट हासिल कर चुके हैं और वह संयुक्त रूप से तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। शमी टखने की चोट से उबरने के बाद घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
वह टीम इंडिया में वापसी के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। गुजरात की दूसरी पारी में 5 विकेट लेने के बाद उन्होंने कहा था, ‘मैंने काफी कड़ी मेहनत की है और मेरा मानना है कि किस्मत भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हर कोई देश के लिए खेलना चाहता है…मैदान पर मैं अच्छा प्रदर्शन करता रहूंगा और बाकी चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है।’