कल नहीं मिलेगा ऑनलाइन खाना, Swiggy-Zomato-Blinkit और Zepto के कर्मचारियों की हड़ताल का ऐलान

देशभर में ऑनलाइन खाना और ग्रॉसरी ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को आज भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि डिलीवरी कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल के चलते Swiggy, Zomato, Blinkit और Zepto जैसी प्रमुख सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
यह हड़ताल ‘गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन’ (GIPSWU) के आह्वान पर की जा रही है, जो शनिवार दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस दौरान डिलीवरी पार्टनर्स अपने ऐप्स को ऑफलाइन रखेंगे, जिससे सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
पेट्रोल-डीजल महंगाई के खिलाफ विरोध
यूनियन ने हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ यह कदम उठाया है। संगठन का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई को प्रभावित कर रही है।
कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ने के बाद डिलीवरी कर्मचारियों ने प्रति किलोमीटर भुगतान दर बढ़ाने की मांग की है।
यूनियन की प्रमुख मांगें
GIPSWU ने सरकार और कंपनियों से मांग की है कि:
प्रति किलोमीटर डिलीवरी रेट में तत्काल बढ़ोतरी की जाए
ईंधन की बढ़ती कीमतों के अनुसार कमाई का समायोजन हो
गिग वर्कर्स के लिए स्थायी आर्थिक सुरक्षा नीति बनाई जाए
यूनियन का कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद आय स्थिर रहने से हजारों कर्मचारी आर्थिक संकट में हैं।
लाखों गिग वर्कर्स पर असर का दावा
यूनियन ने दावा किया है कि देशभर में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स प्रभावित हो सकते हैं, जो बाइक और स्कूटर के जरिए डिलीवरी का काम करते हैं।
उनका कहना है कि महंगाई और बढ़ते खर्च के कारण कई कर्मचारी रोजाना 10 से 14 घंटे काम करने के बावजूद पर्याप्त कमाई नहीं कर पा रहे हैं।
महिलाओं और छोटे शहरों के कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित
यूनियन के अनुसार, महिला डिलीवरी वर्कर्स और छोटे शहरों के कर्मचारी इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हैं। खराब मौसम, ट्रैफिक और लंबे काम के घंटों के बीच उनकी स्थिति और भी कठिन होती जा रही है।
GIPSWU ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल एक शांतिपूर्ण विरोध है, जिसका उद्देश्य सरकार और कंपनियों का ध्यान गिग वर्कर्स की आर्थिक समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जा सकता है।