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भारत और नीदरलैंड की गेम-चेंजर डील! ग्रीन हाइड्रोजन से सेमीकंडक्टर तक डील… जानिए किन मुद्दों पर बनी बात

नई दिल्ली। भारत और नीदरलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है। नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डच प्रधानमंत्री रोब जेटन के बीच द हेग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

 

बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने जानकारी दी कि यह कदम भारत-नीदरलैंड संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, रक्षा, जल प्रबंधन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।

 

रणनीतिक साझेदारी के लिए तैयार हुआ रोडमैप

सिबी जॉर्ज के अनुसार, दोनों नेताओं ने संबंधों में आई तेजी का स्वागत किया और भविष्य के सहयोग के लिए एक व्यापक और महत्वाकांक्षी रोडमैप अपनाया है। इसके तहत व्यापार सुगमता, सप्लाई चेन मजबूती, मोबिलिटी, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार किया जाएगा।

 

इसके साथ ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द लागू करने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

 

सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा समझौता

इस दौरे का सबसे अहम पहलू सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुआ करार रहा। डच कंपनी ASML और भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच साझेदारी समझौता हुआ है, जो गुजरात के धोलेरा में बन रही सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट को तकनीकी सहयोग देगा।

 

इस समझौते को भारत के तकनीकी विकास के लिए गेम-चेंजर बताते हुए सिबी जॉर्ज ने कहा कि इससे देश में एक मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित होगा और उच्च कौशल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

 

ग्रीन हाइड्रोजन और समुद्री कॉरिडोर पर सहमति

दोनों देशों ने ग्रीन एनर्जी को लेकर एक महत्वाकांक्षी ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप पर सहमति जताई है, जिसके तहत उत्पादन, उपयोग और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा भारत और नीदरलैंड के बंदरगाहों को जोड़ने के लिए ग्रीन और डिजिटल समुद्री कॉरिडोर विकसित करने पर भी सहमति बनी है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और मजबूत होगी।

 

जल प्रबंधन और रिसर्च में सहयोग

जल प्रबंधन क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाते हुए भारत के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के इंफ्रास्ट्रक्चर एवं जल प्रबंधन मंत्रालय के बीच IIT दिल्ली में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

 

इसके अलावा गुजरात की महत्वाकांक्षी कल्पसर परियोजना के लिए भी तकनीकी सहयोग पर सहमति बनी है। इस परियोजना का उद्देश्य सौराष्ट्र क्षेत्र में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा मीठा जल भंडार तैयार करना है।

 

डच शाही परिवार से मुलाकात

द हेग पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी मुलाकात की और उन्हें भारत में चल रहे बड़े नीतिगत सुधारों की जानकारी दी। पीएम मोदी ने डच प्रधानमंत्री रोब जेटन को भारत आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।