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आंध्र प्रदेश अपने पहले स्वच्छ ऊर्जा प्रोजेक्ट को चालू करने के लिए हुआ तैयार 

आंध्र प्रदेश 22 मई 2026 को रायलसीमा क्षेत्र में ‘एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024’ (Integrated Clean Energy Policy 2024) के तहत अपनी पहली परियोजना को चालू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह परियोजना SAEL इंडस्ट्रीज द्वारा ₹3,000 करोड़ के निवेश से विकसित की गई एक 600 मेगावाट (MW) की सौर ऊर्जा योजना (सोलर पावर प्लांट) है।

एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024:

आंध्र प्रदेश एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 का लक्ष्य लगभग ₹10 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 160 गीगावाट (GW) से अधिक की नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) क्षमता को जोड़ना है। इस नीति के दायरे में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पंप्ड स्टोरेज और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) शामिल हैं।

प्रमुख परियोजनाएं और निवेश
रिन्यू एनर्जी ग्लोबल पीएलसी (ReNew Energy Global Plc): यह कंपनी 23 अप्रैल 2026 को अनाकापल्ली जिले में ₹5,400 करोड़ की सौर विनिर्माण सुविधा की आधारशिला रखने वाली है। इस प्लांट को 6 गीगावाट (GW) सौर इंगट (ingot) और वेफर यूनिट के रूप में नियोजित किया गया है।

अडानी हाइड्रो एनर्जी इलेवन लिमिटेड: राज्य सरकार ने 20 मई 2026 को वाईएसआर कड़पा जिले में 2,250 मेगावाट (MW) की ‘गांडीकोटा-2 पंप्ड स्टोरेज परियोजना’ को अडानी हाइड्रो एनर्जी इलेवन लिमिटेड को आवंटित करने की मंजूरी दी। इस परियोजना को पूरा करने की समय-सीमा 72 महीने तय की गई है।

पावर प्लानिंग फ्रेमवर्क (बिजली योजना ढांचा) :

आंध्र प्रदेश ने मार्च 2026 में ‘रिसोर्स एडेक्वेंसी रेगुलेशन 2026’ (संसाधन पर्याप्तता नियमन 2026) लागू किया। ये नियम बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा हिस्सेदारी वाले बिजली सिस्टम में दीर्घकालिक (लॉन्ग-टर्म) बिजली योजना और उत्पादन क्षमता की योजना से संबंधित हैं।