इबोला को लेकर देश में हाई अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्रालय का सख्त निर्देश
सभी हवाई अड्डों पर यात्रियों की होगी अनिवार्य मेडिकल स्क्रीनिंग

दुनिया के कुछ हिस्सों में जानलेवा इबोला (Ebola) वायरस के नए मामलों के सामने आने के बाद भारत सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। किसी भी संभावित खतरे को देश की सीमाओं पर ही रोकने के लिए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अब विदेश से आने वाले प्रत्येक यात्री की सख्त मेडिकल जांच (स्क्रीनिंग) अनिवार्य कर दी गई है।
वैश्विक स्वास्थ्य संकटों से निपटने के पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए, भारत सरकार ने एक संभावित नए खतरे के खिलाफ कमर कस ली है। अफ्रीकी महाद्वीप और दुनिया के कुछ अन्य देशों में बेहद संक्रामक और घातक माने जाने वाले ‘इबोला’ वायरस के नए आउटब्रेक (प्रसार) की रिपोर्टों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित सभी देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में तत्काल प्रभाव से निवारक उपाय लागू कर दिए हैं।
हवाई अड्डों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, देश के सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों—जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता—पर मेडिकल टीमों को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रखा गया है। विदेश से, विशेषकर उन देशों से जहां इबोला के मामले सामने आए हैं, आने वाले सभी यात्रियों की ‘थर्मल स्क्रीनिंग’ (तापमान की जांच) अनिवार्य रूप से की जा रही है।
यात्रियों के यात्रा इतिहास (ट्रेवल हिस्ट्री) की गहन जांच की जा रही है। यदि किसी यात्री में बुखार, अत्यधिक थकान, मांसपेशियों में दर्द या गले में खराश जैसे इबोला के प्रारंभिक लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे तुरंत हवाई अड्डे पर ही बने विशेष ‘आइसोलेशन वार्ड’ (पृथक कक्ष) में भेज दिया जाएगा।
इबोला वायरस: एक गंभीर खतरा
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला एक अत्यंत गंभीर और अक्सर जानलेवा बीमारी है। यह वायरस संक्रमित जानवर (जैसे चमगादड़ या बंदर) से इंसानों में फैलता है और फिर संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों (रक्त, पसीना, लार) के सीधे संपर्क में आने से तेजी से दूसरे इंसानों में फैल सकता है। इस बीमारी में मृत्यु दर बहुत अधिक होती है, इसलिए शुरुआती पहचान और पूर्ण अलगाव (Isolation) ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
अस्पतालों को भी तैयार रहने के निर्देश
हवाई अड्डों के साथ-साथ, राज्य सरकारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रमुख सरकारी अस्पतालों में विशेष इबोला वार्ड तैयार रखें। इन वार्डों में पीपीई (PPE) किट, दवाइयों और जीवन रक्षक उपकरणों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने को कहा गया है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए वायरस से बचाव और मरीजों के इलाज के संबंध में त्वरित प्रशिक्षण (रिफ्रेशर ट्रेनिंग) भी शुरू कर दिया गया है।
जनता से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश की जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। वर्तमान में भारत में इबोला का कोई भी मामला सामने नहीं आया है और यह हाई अलर्ट केवल एक एहतियाती कदम (Precautionary Measure) है। सरकार पूरी स्थिति पर लगातार और बारीकी से नज़र रखे हुए है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बुनियादी स्वच्छता का पालन करें और यदि वे हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।