एलएसजी को चाहिए ‘रीसेट’, कप्तानी समेत हर विभाग की होगी समीक्षा: टॉम मूडी
लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी ऋषभ पंत ने पिछले दो सीजन में संभाली है, लेकिन दोनों ही सीजन में टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। ऐसे में टीम की कप्तानी में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। इस मुद्दे पर एलएसजी के क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी ने खुलकर अपनी राय रखी और संकेत दिए कि फ्रेंचाइजी आगामी सीजन से पहले बड़े फैसले ले सकती है।
एलएसजी इस सीजन प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने वाली पहली टीम बनी थी। टीम के आखिरी मुकाबले के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में टॉम मूडी ने कहा कि फ्रेंचाइजी को अब गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है और कई पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
मूडी ने कहा, “मुझे लगता है कि ऐसी बहुत सी बातें हैं जिन पर आप उंगली उठा सकते हैं। सीजन के शुरुआती हिस्से में हमने खास तौर पर अच्छी गेंदबाजी की थी। लेकिन दुर्भाग्य से, सीजन के पहले हिस्से में, या आधे से ज्यादा सीजन तक, हमारी बल्लेबाजी बिल्कुल भी नहीं चली। हमें वैसी जबरदस्त शुरुआत नहीं मिली जिसकी हम उम्मीद कर रहे थे और मिडिल ऑर्डर भी लगातार योगदान देने और रन बनाने में नाकाम रहा। इसलिए बैट और बॉल दोनों का एक साथ प्रदर्शन करना हमारे लिए हमेशा एक चुनौती बना रहा।”

कप्तानी और ऋषभ पंत के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “कप्तानी के नजरिए से देखें तो उन्हें यह काफी चुनौतीपूर्ण लगा और टीम के नतीजे भी यही दिखाते हैं। आपको यह भी सोचना होगा कि क्या इस दबाव का असर उनकी बल्लेबाजी पर पड़ा। मुझे पता है कि यह सीजन हमारे लिए काफी मुश्किल रहा है, लेकिन हम इस पर विस्तार से विचार करेंगे। हम समय लेंगे और हर पहलू का आकलन करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “निश्चित रूप से हम उन उम्मीदों और मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं, जो हमने खुद के लिए तय किए थे। जब फ्रेंचाइजी की लीडरशिप की बात आती है, तो यह निश्चित रूप से ऐसा विषय है जिस पर हम बहुत गंभीरता से विचार करेंगे कि भविष्य में इसकी तस्वीर कैसी होनी चाहिए। हर विभाग की तरह, जब आप किसी सीजन का मूल्यांकन करते हैं, तो आपको सोच-समझकर फैसले लेने होते हैं। फिलहाल ऐसा महसूस होता है कि हमें एक रीसेट पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।”
हालांकि, मूडी ने किसी एक खिलाड़ी या विभाग को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हम सभी जिम्मेदार हैं। मुझे नहीं लगता कि यह किसी एक पर उंगली उठाने का समय है। हम सभी को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। जैसा कि मैंने कहा, यह समय किसी खास विभाग को दोष देने का नहीं है। हम सभी को शांति से बैठकर इस पूरे सीजन पर विचार करने की जरूरत है। लेकिन कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हमें ध्यान देना होगा