मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 54वां जन्मदिन
'एक पेड़ मां के नाम' महाभियान का शंखनाद और एक संन्यासी से सत्ता के शिखर तक का सफर

लखनऊ (राघवेंद्र प्रताप सिंह ): उत्तर प्रदेश को विकास और सुशासन के नए पथ पर ले जाने वाले मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ आज (5 जून) अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। 5 जून का दिन वैसे भी विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। ऐसे में अपने जन्मदिन और पर्यावरण दिवस के इस विशेष संयोग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति को समर्पित किया है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान की भव्य शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने स्वयं राजधानी लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में पौधारोपण कर इस ऐतिहासिक अभियान का शुभारंभ किया, जिसके तहत आज पूरे राज्य में 5 करोड़ पौधे रोपने का महा-संकल्प लिया गया है।
‘एक पेड़ मां के नाम’: पर्यावरण संरक्षण और भावनाओं का अनूठा संगम
यह महाभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे मानवीय भावनाओं से जोड़ा गया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपनी मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का एक साथ एहसास कराना है। जब कोई व्यक्ति अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाता है, तो वह केवल उसे रोपता ही नहीं, बल्कि एक संतान की तरह उसकी देखभाल भी करता है।
वृक्षारोपण का बढ़ता महत्व और जलवायु संकट
आज के समय में वृक्षारोपण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व को बचाने की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत ने भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ तापमान का सामना किया है। कंक्रीट के जंगलों के विस्तार और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने धरती के तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) को खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। पेड़ न केवल हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन) देते हैं, बल्कि ये भूजल स्तर को रिचार्ज करने, मिट्टी के कटाव को रोकने और मौसम के चक्र को संतुलित रखने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। 5 करोड़ पेड़ों का यह रोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की गारंटी साबित होगा।
अजय सिंह बिष्ट से ‘योगी’ बनने तक की असाधारण यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जीवन संघर्ष, वैराग्य और राष्ट्रसेवा का एक अद्भुत उदाहरण है। 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में जन्मे अजय सिंह बिष्ट ने बेहद कम उम्र में ही सांसारिक मोह-माया को त्याग दिया था। गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी (B.Sc) करने वाले अजय सिंह बिष्ट ने 1993 में गोरखपुर आकर गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा ली और ‘योगी आदित्यनाथ’ बन गए।
राजनीतिक उदय और कीर्तिमान
उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत भी बेहद कम उम्र में हुई। 1998 में, महज 26 साल की उम्र में वह गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचने वाले सबसे युवा सांसद बने। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार पांच बार गोरखपुर से सांसद चुने गए। मार्च 2017 में जब उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया, तो पार्टी आलाकमान ने योगी आदित्यनाथ को प्रदेश की कमान सौंपी। 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने न केवल सत्ता में वापसी की, बल्कि 37 साल बाद यूपी में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का ऐतिहासिक कीर्तिमान भी स्थापित किया।
मुख्यमंत्री के रूप में प्रमुख उपलब्धियां और ‘योगी मॉडल’
पिछले कुछ वर्षों में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की छवि को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। उनके शासनकाल की कुछ सबसे प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
कानून-व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस: ‘माफिया मिट्टी में मिला दिए जाएंगे’ — यह सिर्फ एक डायलॉग नहीं, बल्कि यूपी की नई हकीकत बन चुका है। अपराधियों और भू-माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर ‘बुलडोजर एक्शन’ ने पूरे देश में ‘योगी मॉडल’ के नाम से अपनी पहचान बनाई है। यूपी आज देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास (एक्सप्रेसवे प्रदेश): उनके कार्यकाल में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ और गंगा एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम चल रहा है। जेवर में बन रहा एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी के विकास की नई उड़ान है।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण: अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प और मथुरा-वृंदावन का विकास उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी आध्यात्मिक उपलब्धियों में से है।
आर्थिक प्रगति और निवेश: ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के जरिए उन्होंने स्थानीय कारीगरों को वैश्विक मंच दिया। हाल ही में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के जरिए राज्य में लाखों करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जो यूपी को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
आज अपने 54वें जन्मदिन पर, पर्यावरण संरक्षण का यह महाभियान शुरू करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह साबित किया है कि उनका विजन केवल वर्तमान को संवारना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य को हरा-भरा और सुरक्षित बनाना भी है। एक संन्यासी के रूप में राज्य के मुखिया की यह यात्रा करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।