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खिताबी जीत के साथ ग्रेस डांगमेई ने कहा अलविदा, भारत बना सैफ चैंपियन

भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 3-1 से हराकर छठी बार सैफ महिला चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही भारत ने सात वर्षों बाद इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

भारत से प्यारी खाका, सनफिदा नोंग्रम और लिंडा कॉम सर्टो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना चकमा ने दागा। उल्लेखनीय है कि मेजबान भारतीय टीम ने ग्रुप चरण में भी बांग्लादेश को 3-0 से हराया था।

भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच गंवाए बिना अपना अभियान समाप्त किया। टीम ने कुल 18 गोल किए और केवल एक गोल खाया, जिससे पूरे प्रतियोगिता में उसका दबदबा साफ नजर आया। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत मालदीव पर 11-0 की शानदार जीत के साथ की थी। इसके बाद उसने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल किया।

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लगातार पांच बार सैफ महिला चैंपियनशिप जीतने के बाद भारतीय टीम पिछले दो संस्करणों में फाइनल तक भी नहीं पहुंच सकी थी। वर्ष 2022 और 2024 में बांग्लादेश ने नेपाल को हराकर खिताब जीता था। भारत ने इससे पहले आखिरी बार 2019 में यह ट्रॉफी अपने नाम की थी।

सैफ महिला चैंपियनशिप में भारत की खिताबी जीत के साथ ही स्टार फुटबॉलर ग्रेस डांगमेई ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने यह फैसला बांग्लादेश पर 3-1 की जीत के बाद टीम के चैंपियन बनने के तुरंत बाद किया।

मणिपुर की 30 वर्षीय फॉरवर्ड खिलाड़ी ने 2013 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने 95 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अपना तीसरा सैफ खिताब जीतकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का शानदार समापन किया।

फाइनल मुकाबले में ग्रेस शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं थीं और उन्होंने स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान में प्रवेश किया। बाद में उन्हें टीम की कप्तानी सौंपी गई और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान उन्होंने विजेता ट्रॉफी उठाई। लगभग 15 वर्षों के अपने शानदार फुटबॉल करियर में ग्रेस डांगमेई ने केआरवाईपीएचएसए, सेतु एफसी, गोकुलम केरला और श्रीभूमि जैसे प्रमुख भारतीय क्लबों का प्रतिनिधित्व किया।