हौसले की जीत: तमाम चुनौतियों के बीच भारतीय टीम तक पहुंचे मानव सुथार
युवा मानव सुथार के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में पहली बार भारतीय टीम में जगह बनाना किसी सपने के सच होने जैसा है। गली-मोहल्लों में क्रिकेट का ककहरा सीखने वाले मानव ने लगातार हतोत्साहित किए जाने के बावजूद क्रिकेट को ही अपना करियर चुना। राजस्थान के इस 30 वर्षीय खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट और भारत-ए के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई है।
सुथार ने कहा, ‘‘क्रिकेट हमेशा से मेरे परिवार का एक अहम हिस्सा रहा है। मेरे पिताजी को क्रिकेट बहुत पसंद है और घर में सभी लोग नियमित रूप से मैच देखते हैं। बचपन में मैं भी उनके साथ बैठकर मैच देखा करता था। यहीं से क्रिकेट के प्रति मेरी दिलचस्पी बढ़ी। मैंने अपने दोस्तों के साथ गलियों में खेलना शुरू किया। गली क्रिकेट में ही मैंने इस खेल की बुनियादी बातें सीखीं, जैसे बल्ला पकड़ना और गेंदबाजी करना।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं 10 या 11 साल का था, तब मैंने एक अच्छी क्रिकेट अकादमी में प्रवेश लिया और कोच धीरज सर तथा विनोद सर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया। उन्होंने मुझे सही तकनीक सिखाई और मेरे खेल को निखारने में काफी मदद की।’’
सुथार ने कहा, ‘‘मुझे पहली बड़ी सफलता तब मिली, जब मैं अंडर-14 वर्ग में राजस्थान के लिए चुना गया। इससे मुझे काफी प्रेरणा मिली और मुझे विश्वास हुआ कि मैं क्रिकेट को अपना करियर बना सकता हूं।’’
हालांकि, मानव के लिए राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। टीम में जगह बनाने की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद उन्होंने कभी हौसला नहीं खोया और लगातार मेहनत करते रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में क्रिकेट में सफल होना कभी आसान नहीं होता। कुछ ही स्थानों के लिए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। मुझे भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने मुझे पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी। उनका कहना था कि क्रिकेट में कोई भविष्य नहीं है और मैं अपना समय बर्बाद कर रहा हूं।’’
मानव ने कहा, ‘‘लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैं लगातार कड़ी मेहनत करता रहा। मुझे भारतीय टीम में चुने जाने की उम्मीद थी। यह इंतजार का खेल था और मैंने धैर्य बनाए रखा।’’
सुथार 2022-23 रणजी ट्रॉफी सत्र से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 29 प्रथम श्रेणी मैचों में 129 विकेट लिए हैं। बल्लेबाजी में भी उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए खुद को एक ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम एक शतक और छह अर्धशतक दर्ज हैं।
उन्होंने 2024 में गुजरात टाइटन्स के साथ आईपीएल में पदार्पण किया, लेकिन उस सत्र में उन्हें केवल एक मैच खेलने का अवसर मिला। 2025 में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, जबकि 2026 में उन्होंने चार मुकाबले खेले।
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय टीम में जगह बनाकर बहुत अच्छा लग रहा है। घरेलू क्रिकेट और भारत-ए के लिए की गई मेरी सारी मेहनत रंग लाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। मेरी सभी कुर्बानियों का आखिरकार फल मिल गया। मैं देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।’’