दिमित्रोव को हराकर आर्थर फेरी पहली बार विंबलडन क्वार्टरफाइनल में
घरेलू दर्शकों के चहेते आर्थर फेरी ने शानदार वापसी का प्रदर्शन करते हुए विंबलडन के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। उन्होंने पूर्व विश्व नंबर-3 ग्रिगोर दिमित्रोव को पांच सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में 7-5, 3-6, 4-6, 6-4, 7-6 (10-7) से हराकर यह यादगार उपलब्धि हासिल की।
यह ग्रैंड स्लैम इतिहास का पहला मौका था, जब पुरुष एकल के प्री-क्वार्टरफाइनल (अंतिम-16) या उससे आगे के दौर में दो वाइल्ड कार्ड खिलाड़ियों का आमना-सामना हुआ। उतार-चढ़ाव से भरपूर यह मुकाबला विंबलडन के इतिहास के सबसे यादगार मैचों में शामिल हो गया।
पिछले वर्ष भी ग्रिगोर दिमित्रोव इसी दौर में बाहर हो गए थे। तब वह यानिक सिनर के खिलाफ दो सेट की बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन पेक्टोरल (सीने की मांसपेशी) में चोट लगने के कारण मुकाबला पूरा नहीं कर सके थे।

12 महीने बाद एक बार फिर दिमित्रोव दो सेट से एक की बढ़त पर थे। इस बार उनके सामने ब्रिटेन के तीसरे नंबर के खिलाड़ी आर्थर फेरी थे। चौथे सेट में उन्होंने दो बार सर्विस ब्रेक की बढ़त भी बना ली थी, लेकिन 4-3 और 15-0 की स्थिति के बाद दिमित्रोव लगातार 11 अंक गंवा बैठे। उनके खेल में आई इस अप्रत्याशित गिरावट का पूरा फायदा उठाते हुए फेरी ने मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
सेंटर कोर्ट पर अपने करियर का पहला मुकाबला खेल रहे 23 वर्षीय फेरी ने उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता, कौशल और साहस का परिचय दिया। निर्णायक सेट के टाई-ब्रेक में उन्होंने पहला ही मैच प्वाइंट भुना लिया, जब दिमित्रोव का बैकहैंड नेट में जा फंसा।
इस जीत के साथ फेरी अब पुरुष एकल ड्रॉ में बचे एकमात्र ब्रिटिश खिलाड़ी हैं। वह ओपन युग में विंबलडन के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले केवल छठे ब्रिटिश पुरुष खिलाड़ी भी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि एंडी मरे, टिम हेनमैन, रोजर टेलर, ग्रेग रुसेडस्की और कैमरून नॉरी ने हासिल की थी।
फेरी ओपन युग में विंबलडन पुरुष एकल के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले केवल पांचवें वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी भी बने हैं। इसके अलावा, वह 2014 में विश्व नंबर 144 निक किर्गियोस के बाद शीर्ष-100 से बाहर रहते हुए इस चरण तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी हैं। उल्लेखनीय है कि 2014 में ही दिमित्रोव ने एंडी मरे के विंबलडन खिताब बचाने के अभियान का अंत किया था।
फेरी इससे पहले किसी भी ग्रैंड स्लैम में दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे। अब क्वार्टरफाइनल में उनका सामना फ्रेंच ओपन (रोलां गैरो) के उपविजेता फ्लावियो कोबोली से होगा। कोबोली ने पांचवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनॉर को 7-5, 7-6 (4), 6-3 से हराकर अंतिम-8 में अपनी जगह पक्की की।
फेरी की शीर्ष-100 में एंट्री पहले ही सुनिश्चित हो चुकी थी। सोमवार को बड़े मंच पर जिस आत्मविश्वास, संयम और निडर अंदाज के साथ उन्होंने खेल दिखाया, उससे यह साफ संकेत मिला कि पेरिस में जन्मे इस खिलाड़ी, जिन्हें ‘क्रॉस-चैनल फेरी’ के नाम से भी जाना जाता है, की विश्व रैंकिंग आने वाले समय में और ऊंची जा सकती है।