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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार: यूपी कैबिनेट ने नई ‘ग्रामीण एमएसएमई प्रोत्साहन नीति’ को दी सैद्धांतिक मंजूरी

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ: उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलंबी बनाने और गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक मास्टरस्ट्रोक चला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में नई ‘ग्रामीण एमएसएमई (MSME) प्रोत्साहन नीति’ को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। यह नीति विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे, कुटीर और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई है।

नीति की मुख्य विशेषताएं

यह नई नीति राज्य के उन ग्रामीण उद्यमियों और कारीगरों पर केंद्रित है, जिनके पास हुनर तो है, लेकिन पूंजी और बाजार तक पहुंच का अभाव है। इस नीति के तहत सरकार कई अहम रियायतें देने जा रही है:
* आसान और सस्ता ऋण: ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म और लघु उद्योग (Micro & Small Enterprises) लगाने वाले युवाओं को बिना गारंटी के बेहद कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
* भारी सब्सिडी: मशीनरी खरीदने और बुनियादी ढांचा (जैसे शेड या गोदाम) तैयार करने पर सरकार की ओर से 25% से 40% तक की कैपिटल सब्सिडी (Capital Subsidy) दी जाएगी।
* बिजली बिल में छूट: शुरुआती कुछ वर्षों तक ऐसे ग्रामीण उद्योगों को बिजली बिल और स्टाम्प ड्यूटी में भारी छूट का प्रावधान किया गया है।

एग्रो-प्रोसेसिंग और हस्तशिल्प पर विशेष जोर

इस नीति का सबसे अधिक लाभ कृषि-प्रसंस्करण (Agro-processing) इकाइयों (जैसे फूड पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज) और पारंपरिक हस्तशिल्प (Handicrafts) को मिलेगा। सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की तर्ज पर ‘वन विलेज, वन प्रोडक्ट’ मॉडल को भी प्रोत्साहित करने पर विचार कर रही है, ताकि हर गांव की एक खास पहचान बन सके।

ई-कॉमर्स से जुड़ेंगे ग्रामीण उत्पाद

ग्रामीण कारीगरों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सरकार उन्हें अमेजन (Amazon), फ्लिपकार्ट (Flipkart) और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऑनबोर्ड (Onboard) करने में तकनीकी मदद भी देगी।

जानकारों का मानना है कि यह ‘ग्रामीण एमएसएमई प्रोत्साहन नीति’ उत्तर प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदल सकती है। यह गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, जिससे राज्य का समग्र और संतुलित आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा।