हरमनप्रीत की टीम ने लॉर्ड्स में लहराया जीत का परचम, इंग्लैंड को 270 रन से दी करारी शिकस्त
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में खेले गए एकमात्र टेस्ट में सोमवार को इंग्लैंड को 270 रन से हराकर इतिहास रचा। यह टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। चौथे और अंतिम दिन भारत को जीत के लिए केवल चार विकेट की जरूरत थी, जिन्हें उसने महज डेढ़ घंटे के भीतर हासिल कर लिया।
457 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही इंग्लैंड टीम तीसरे दिन ही 59/5 के स्कोर पर लड़खड़ा गई थी और दिन का खेल खत्म होने पर केवल 130 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। चौथे दिन सोमवार को उसने 130/6 से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन केवल 56 रन और जोड़कर 186 रन पर सिमट गई।
भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने दिन की शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई और स्पिनरों के साथ करीबी फील्डर लगाकर इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाए रखा। एमी जोन्स ने संघर्ष करते हुए 54 रन बनाए, जबकि सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास साथ नहीं मिला।

भारतीय स्पिनरों ने मैच पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया। स्नेह राणा ने 4 विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। आखिरी विकेट भी राणा ने ही हासिल किया, जब उनकी शानदार टर्न लेती गेंद ने एक्लेस्टोन की गिल्लियां बिखेर दीं।
इससे पहले भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे, जिसमें स्मृति मंधाना ने 83 और हरमनप्रीत कौर ने 58 रन की अहम पारियां खेलीं। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई, जहां तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके।
दूसरी पारी में भारत ने 341 रन पर पारी घोषित की। यास्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने 70 रन बनाकर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई।
भारत की इस जीत के साथ महिला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ उसकी कुल चौथी जीत दर्ज हुई, जो किसी भी एक टीम के खिलाफ उसकी सबसे अधिक टेस्ट जीत है। इंग्लैंड की धरती पर खेले गए 10 महिला टेस्ट मैचों में यह भारत की तीसरी जीत रही, जबकि बाकी सात मुकाबले ड्रॉ रहे।