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6 करोड़ लखपति दीदी मिशन के लिए राष्ट्रीय रणनीति और रोडमैप तैयार

नई दिल्ली ( पल्लवी श्रीवास्तव) : ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के संयुक्त तत्वावधान में बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बीपार्ड), गया में “6 करोड़ लखपति दीदी” बनाने के लिए कृषि, गैर-कृषि आजीविका और एमआईएस रणनीति एवं रोडमैप विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का समापन 6 करोड़ लखपति दीदी के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रणनीति, रोडमैप और वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार करने के साथ हुआ।

राष्ट्रीय लक्ष्य के लिए राज्यों ने साझा की रणनीति

कार्यशाला में ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने ऑनलाइन संबोधन किया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के प्रधान सचिव पंकज कुमार, बीपार्ड की अपर महानिदेशक डॉ. सफीना ए. एन., ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्या सिंह, अरुणाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी संगीता यिरंग, ग्रामीण विकास मंत्रालय की निदेशक राजेश्वरी एस. एम., गेट्स फाउंडेशन के अंजनी कुमार सिंह सहित विभिन्न राज्यों के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के प्रतिनिधि, विकास सहयोगी संस्थाओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कृषि, गैर-कृषि और एमआईएस पर हुई विस्तृत चर्चा

दो दिनों तक चले विचार-विमर्श में कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका, डिजिटल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस), अभिसरण, उद्यमिता संवर्द्धन और महिलाओं की आय बढ़ाने की दीर्घकालिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। पहले दिन कृषि, गैर-कृषि और एमआईएस पर तीन समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें राज्यों ने अपने सफल मॉडल, चुनौतियां और अनुभव साझा किए। इन्हीं चर्चाओं के आधार पर दूसरे दिन पांच वर्षीय रणनीति और वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार की गई।

महिला सशक्तीकरण पर वक्ताओं ने रखा जोर

उद्घाटन सत्र में अनन्या सिंह ने राज्यों के बीच ज्ञान साझेदारी और सफल आजीविका मॉडलों के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर बल दिया। राजेश्वरी एस. एम. ने लखपति दीदी अभियान को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का राष्ट्रीय अभियान बताया। डॉ. सफीना ए. एन. ने क्षमता निर्माण, संस्थागत विकास और सतत सीखने की प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। पंकज कुमार ने कहा कि अभिसरण, नवाचार और बाजारोन्मुखी आजीविका ही 6 करोड़ लखपति दीदी के लक्ष्य की आधारशिला है।

डिजिटल प्रणाली और डेटा आधारित योजना पर फोकस

दूसरे दिन पहले दिन की अनुशंसाओं की समीक्षा की गई। इसके बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय के उप निदेशक रमन वाधवा और राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई की टीम ने कृषि और गैर-कृषि आजीविका के लिए पांच वर्षीय रणनीति, नीति सुधार और संस्थागत सुदृढ़ीकरण की रूपरेखा प्रस्तुत की। एमआईएस रणनीति पर शांतनु बोही और एनएमएमयू टीम ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, रीयल टाइम मॉनिटरिंग और राज्यों के बीच डेटा एकीकरण की आवश्यकता पर प्रस्तुति दी।

ज्ञान साझेदारी के लिए एमओयू और पुस्तक का लोकार्पण

कार्यशाला के दौरान ग्रामीण विकास पर आधारित पुस्तक “Fostering Pathways for Rural Transformation” का लोकार्पण किया गया। साथ ही बिहार जीविका और अरुणाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच ज्ञान साझेदारी और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

उद्यम विविधीकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रहेगा जोर

संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के माध्यम से देशभर में महिलाओं की आय बढ़ाने और सामुदायिक संस्थाओं को मजबूत करने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में उद्यम विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, डिजिटल प्लेटफॉर्म, बाजार संपर्क, जलवायु अनुकूल आजीविका और अभिसरण आधारित विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने लखपति दीदियों के क्षमतावर्द्धन के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की आवश्यकता भी बताई।

3 करोड़ की सफलता के बाद 6 करोड़ का लक्ष्य

स्वाति शर्मा ने ‘मेकिंग ऑफ 6 करोड़ लखपति दीदी’ विषय पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि 3 करोड़ लखपति दीदी के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति से मिले अनुभवों के आधार पर अगले चरण की रणनीति तैयार की गई है। वहीं, सचिव रोहित कंसल ने कहा कि 3 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य महिला स्वयं सहायता समूहों, सामुदायिक संस्थाओं और राज्यों के सामूहिक प्रयासों से हासिल हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि तकनीक, बाजार आधारित उद्यम, वित्तीय समावेशन, अभिसरण और नवाचार के जरिए 6 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य भी समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने अपने संबोधन का समापन मैथिलीशरण गुप्त की कविता “हम कौन थे, क्या हो गए हैं और क्या होंगे अभी” की पंक्तियों के उल्लेख के साथ किया।

राज्यों ने साझा कार्ययोजना पर जताई सहमति

समापन सत्र में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने पैनल चर्चा के माध्यम से कृषि, गैर-कृषि और एमआईएस से जुड़ी अनुशंसाओं का समेकन किया और अगले पांच वर्षों की साझा कार्ययोजना, प्राथमिकताओं और समयबद्ध क्रियान्वयन रणनीति पर सहमति जताई। स्वाति शर्मा ने लखपति दीदी डैशबोर्ड के नियमित उपयोग और आवश्यक ऐप्स पर पुनः प्रशिक्षण की व्यवस्था पर भी जोर दिया। सभी राज्यों ने महिलाओं की आय वृद्धि, टिकाऊ आजीविका, डिजिटल नवाचार और सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त बनाकर 6 करोड़ लखपति दीदी के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प दोहराया।