हरित पत्तन दिशानिर्देश 2023 ‘हरित सागर’ का हुआ शुभारंभ

सरिता त्रिपाठी : पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने के व्यापक दृष्टिकोण को पूरा करने के उद्देश्य से हरित पत्तन दिशानिर्देश 2023 ‘हरित सागर’ का शुभारंभ किया गया है। हरित सागर ग्रीन पोर्ट गाइडलाइंस का शुभारंभ हमारे सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल पत्तन संचालन में स्वच्छ/हरित ऊर्जा के उपयोग, भंडारण के लिए बंदरगाह क्षमता विकसित करने, हरित ईंधनों जैसे ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, ग्रीन मेथनॉल/इथेनॉल इत्यादि के कुशल प्रबंधन और सुरक्षित इस्तेमाल करने पर जोर देता है। ये दिशानिर्देश हमारे सभी बंदरगाहों पर पर्यावरण के अनुकूल कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
हरित सागर दिशानिर्देश- 2023 ‘प्रकृति के साथ कार्य करने’ की अवधारणा के साथ स्वयं को आगे बढ़ाते हुए और पोर्ट इकोसिस्टम के जैविक घटकों पर प्रभाव को कम करने की भावना के साथ बंदरगाह के विकास, संचालन व रखरखाव में इकोसिस्टम की कार्य क्षमता बढ़ाने की परिकल्पना करता है।
ये दिशानिर्देश प्रमुख बंदरगाहों के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के लक्ष्य के साथ एक रूपरेखा प्रदान करते हैं, जो निर्धारित समयसीमा में कार्बन उत्सर्जन की मात्रा में कमी लाने के संदर्भ में लक्षित परिणामों को प्राप्त करने के उद्देश्य से हरित गतिविधियों पर केंद्रित योजना कार्यान्वयन तथा करीबी निगरानी के माध्यम से और अधिक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए अवसर लेकर आते हैं।
गौरतलब है कि हमारे चार प्रमुख बंदरगाह दीनदयाल पोर्ट, विशाखापत्तनम पोर्ट, न्यू मैंगलोर पोर्ट और वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट पहले से ही अपनी मांग से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं। अब से हमारे बंदरगाह पर्यावरणीय संकेतकों पर स्वयं का मूल्यांकन कर सकेंगे और पर्यावरणीय कार्य कुशलताओं में अपनी क्षमताएं पहचान सकेंगे।