छात्र आंदोलन से दिल्ली बेहाल: कनॉट प्लेस शाम 6:30 बजे तक पूरी तरह बंद, सुरक्षा कारणों से राजीव चौक समेत 17 मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही ठप

पल्लवी श्रीवास्तव/ नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन ने शहर की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और विपक्षी दलों के आह्वान पर राजधानी में हुए अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के कारण दिल्ली पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम करने पड़े हैं। इसके चलते दिल्ली का मुख्य व्यापारिक केंद्र कनॉट प्लेस (Connaught Place) और प्रमुख मेट्रो यातायात पूरी तरह से पंगु हो गया है।
कनॉट प्लेस और लुटियंस दिल्ली सील
खुफिया रिपोर्टों में छात्रों के जंतर-मंतर से निकलकर संसद भवन और नई दिल्ली के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में मार्च निकालने की आशंका जताई गई थी। इसके जवाब में दिल्ली पुलिस ने पूरी लुटियंस दिल्ली (Lutyens’ Delhi) को छावनी में तब्दील कर दिया है। एहतियात के तौर पर कनॉट प्लेस की सभी दुकानों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को शाम 6:30 बजे तक पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है। नई दिल्ली के सभी प्रवेश मार्गों पर त्रि-स्तरीय बैरिकेडिंग की गई है, जिससे आईटीओ, मंडी हाउस और आश्रम चौक पर कई किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम लग गए हैं।
17 मेट्रो स्टेशन बंद
यातायात की स्थिति तब और बिगड़ गई जब दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने पुलिस की सलाह पर येलो और ब्लू लाइन के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को बंद कर दिया। राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, लोक कल्याण मार्ग और जनपथ सहित 17 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के सभी एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए हैं। इन स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव भी रद्द कर दिया गया है।
व्यापारियों का नुकसान और आम जनता की परेशानी
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने बार-बार बाजार बंद कराए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस अनिश्चितता के कारण व्यापारियों को हर दिन करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। दफ्तर जाने वाले लोगों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का तर्क है कि कानून-व्यवस्था और वीवीआईपी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कड़े कदम उठाना उनकी मजबूरी है।