जंतर-मंतर पर फिर भड़क सकता है आंदोलन: केंद्र की ‘वादाखिलाफी’ के खिलाफ CJP ने दी नए सिरे से विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाले प्रमुख संगठन ‘सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए एक बार फिर से देशव्यापी आंदोलन और सड़कों पर उतरने की कड़ी चेतावनी दी है। सीजेपी के प्रतिनिधियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को लेकर किए गए लिखित और मौखिक वादों को तय समय सीमा के भीतर पूरा नहीं किया, तो दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नए सिरे से बड़े और उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।
संगठन का आरोप है कि पिछले दौर की वार्ता के दौरान, केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने शांति बहाल करने के लिए उनकी कई प्रमुख मांगों (जैसे- मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई, विवादित कानूनों की वापसी और नीतिगत बदलाव) पर सहमति जताई थी। सरकार के इसी आश्वासन के बाद सीजेपी और अन्य सहयोगी संगठनों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। लेकिन अब संगठन का दावा है कि हफ्तों बीत जाने के बाद भी सरकार ने ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है और यह केवल आंदोलन को कुचलने की एक कूटनीतिक चाल थी।
सीजेपी की इस नई चेतावनी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, इंडिया गेट और संसद भवन के आसपास खुफिया निगरानी बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहती है, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। यदि सीजेपी अपनी चेतावनी पर अमल करती है, तो आगामी दिनों में दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर से भारी पुलिस बैरिकेडिंग, यातायात जाम और राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिल सकती है।