लाल सागर में समुद्री व्यापार पर फिर मंडराया खतरा: हूती विद्रोहियों ने सऊदी जहाजों की आवाजाही ब्लॉक करने की दी चेतावनी

इंडियन व्यू टीम/ सना / नई दिल्ली: यमन के हूती विद्रोहियों ने आज एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को हिलाकर रख दिया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ने सना से एक आधिकारिक टीवी संदेश जारी करते हुए घोषणा की है कि उनका संगठन लाल सागर (Red Sea) और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी सऊदी अरब के व्यापारिक जहाजों, तेल टैंकरों और उनके सहयोगी देशों के जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह से ब्लॉक कर देगा।
हूती प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह कदम इराक और यमन में अमेरिका व सऊदी गठबंधन द्वारा की जा रही सैन्य कार्रवाइयों के विरोध में उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी सऊदी तेल टैंकर लाल सागर के जलग्रहण क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करेगा, तो उस पर एंटी-शिप मिसाइलों और नेवल ड्रोन्स से सीधा हमला किया जाएगा। इस धमकी के जारी होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तत्काल 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
लाल सागर दुनिया के लगभग 12 प्रतिशत समुद्री व्यापार का मुख्य मार्ग है। हूती विद्रोहियों के इस कड़े रुख के बाद भारत सहित एशिया और यूरोप के बीच चलने वाले मालवाहक जहाजों को अब अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड होप’ के लंबे रास्ते से चक्कर लगाकर जाना पड़ सकता है, जिससे न केवल माल भाड़ा (Freight Charges) काफी महंगा हो जाएगा बल्कि सामान पहुंचने में भी 10 से 15 दिनों का अतिरिक्त समय लगेगा। भारतीय नौसेना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा गठबंधन ने लाल सागर में अपनी गश्त बढ़ा दी है।