होर्मुज जलडमरूमध्य संकट सुलझाने के करीब: ओमान की मध्यस्थता में तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत अंतिम चरण में

इंडियन व्यू टीम/ मस्कट / तेहरान: फारस की खाड़ी में बने घातक सैन्य गतिरोध को दूर करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सुरक्षित करने के लिए ओमान के सुल्तान की मध्यस्थता रंग लाती दिख रही है। ओमान की राजधानी मस्कट से आई रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने संकेत दिए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सामान्य बनाने और अमेरिका के साथ जारी तनाव को कम करने के लिए तेहरान और मस्कट के बीच चल रही बैक-चैनल वार्ता अब अपने ‘अंतिम चरण’ में पहुंच चुकी है।
ओमान ऐतिहासिक रूप से अमेरिका और ईरान के बीच एक तटस्थ और विश्वसनीय मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाता आया है। मस्कट में हुई गुप्त बैठकों में ओमान के राजनयिकों ने दोनों देशों के बीच एक मध्यमार्ग निकालने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त करने वाले अपने नौसैनिक बेड़े को पीछे हटाएगा और किसी भी व्यापारी जहाज को न रोकने का औपचारिक आश्वासन देगा, जबकि इसके बदले में अमेरिका और यूरोपीय देश ओमान के रास्ते ईरान को सीमित मानवीय और खाद्य व्यापार की अनुमति देंगे।
ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने मस्कट में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, “हम क्षेत्र में शांति और मुक्त समुद्री व्यापार के समर्थक हैं। ओमान का प्रस्ताव हमारे राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा चिंताओं दोनों को संतुलित करता है।” कूटनीतिक हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 48 घंटों में इस ऐतिहासिक ओमान समझौते (Oman Accord) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिससे फारस की खाड़ी में पिछले कई महीनों से मंडरा रहा युद्ध का खतरा काफी हद तक टल जाएगा।