राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवर-स्पीडिंग पर कसेगी नकेल
सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे पर एआई कैमरों की मैपिंग का दिया निर्देश

राघवेन्द्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक कड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्यों के परिवहन विभागों को निर्देश जारी किया है कि वे सभी नेशनल एक्सप्रेसवे और प्रमुख राजमार्गों पर स्पीड कंट्रोल के लिए ऑटोमेटेड एआई (AI) कैमरों की मैपिंग और स्थापना का कार्य तत्काल प्रभाव से पूरा करें।
नई नीति के तहत, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, समृद्धी महामार्ग और बैंगलोर-मैसूर एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों पर हर कुछ किलोमीटर की दूरी पर हाई-रिज़ॉल्यूशन एआई-पावर्ड कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे न केवल वाहनों की गति (Speed Limit) को रियल-टाइम में ट्रैक करेंगे, बल्कि लेन-अनुशासन के उल्लंघन, बिना सीटबेल्ट गाड़ी चलाने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल जैसे अपराधों का खुद ब खुद ई-चालान (e-Challan) काटकर वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज देंगे।
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में 70 प्रतिशत से अधिक घातक सड़क हादसे तेज गति (Over-speeding) के कारण होते हैं। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि एहतियाती सुरक्षा व्यवस्था (Preventive Maintenance) और एआई-निगरानी के जरिए अगले दो वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को आधा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, राजमार्गों पर दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों (Black Spots) को चिह्नित कर वहां विशेष लाइटिंग और एम्बुलेंस सेवाओं की तैनाती भी सुनिश्चित की जा रही है।