स्वेज नहर सुरक्षा दिशानिर्देश
डामिएटा पोर्ट पर हुए ड्रोन हमले के बाद समुद्री व्यापार के लिए नया नेविगेशन प्रोटोकॉल जारी

अभिषेक सिंह/ काहिरा / नई दिल्ली: मिस्र के डामिएटा पोर्ट (Damietta Port) पर एक अमेरिकी-प्रबंधित गैस टैंकर पर हुए संदिग्ध ड्रोन हमले (Drone Strike) के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस हमले के मद्देनजर मिस्र के अधिकारियों और स्वेज नहर प्राधिकरण ने समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा के लिए नए और कड़े ‘नेविगेशन प्रोटोकॉल’ (Navigation Protocols) जारी किए हैं।
29 जुलाई को डामिएटा पोर्ट पर हुए इस हमले में ‘एनर्जोस विंटर’ (Energos Winter) नामक एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) स्टोरेज यूनिट को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई थी। डामिएटा पोर्ट स्वेज नहर के प्रवेश द्वार से महज 33 मील की दूरी पर स्थित है। इस हमले ने यह साबित कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर के बाद अब भूमध्य सागर और स्वेज नहर के आसपास का क्षेत्र भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रहा है।
सूडान सरकार ने भी इस ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है और मिस्र की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है। नए दिशानिर्देशों के तहत, स्वेज नहर से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक और मालवाहक जहाजों को अतिरिक्त सुरक्षा एस्कॉर्ट लेने और पोर्ट के आसपास अपने रडार और जीपीएस सिस्टम को लगातार अपडेट रखने का निर्देश दिया गया है। वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने this नए रूट चार्ट और सुरक्षा प्रोटोकॉल का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही व्यापार लागत बढ़ने की भी आशंका जताई है।