FCRA संशोधन बिल पर अमित शाह का ईसाई संगठनों को बड़ा आश्वासन: ‘यह बिल पूरी तरह से धर्म-निरपेक्ष है’
विवेक ओझा/ नई दिल्ली: विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) से जुड़े नए और सख्त संशोधन बिल को लेकर भारत में काम कर रहे कई गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और अल्पसंख्यक संस्थानों में भारी चिंताएं पनप रही थीं। इसी बीच, इन चिंताओं को दूर करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्री अमित शाह ने ईसाई संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया है कि FCRA बिल पूरी तरह से ‘धर्म-निरपेक्ष’ (religion-neutral) है।
पिछले कुछ वर्षों में गृह मंत्रालय ने नियमों का उल्लंघन करने, ऑडिट रिपोर्ट जमा न करने या विदेशी फंड का कथित तौर पर धर्मांतरण (Conversion) और देश-विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने के आरोप में सैकड़ों NGOs के FCRA लाइसेंस रद्द किए हैं। इनमें कई प्रमुख ईसाई मिशनरी और मदर टेरेसा द्वारा स्थापित संस्थाएं भी शामिल थीं, जिसके बाद यह आरोप लगने लगा था कि सरकार जानबूझकर एक विशिष्ट धर्म से जुड़ी संस्थाओं को निशाना बना रही है।
गृह मंत्री ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और जिन संगठनों का वित्तीय लेन-देन पारदर्शी है, उन्हें इस नए बिल से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस आश्वासन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठ रहे उन सवालों को शांत करना भी है, जिनमें भारत पर नागरिक समाज (Civil Society) की आज़ादी को दबाने के आरोप लगाए जा रहे थे।