मिलावटी दवाओं के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस
महाराष्ट्र FDA ने पुणे की फार्मा कंपनी का लाइसेंस किया स्थायी रूप से रद्द, GMP मानकों का घोर उल्लंघन
विवेक ओझा/ मुंबई / पुणे: जनस्वास्थ्य और दवाओं की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों पर नकेल कसते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बेहद सख्त और कड़ा कदम उठाया है। एफडीए (FDA) ने पुणे स्थित एक प्रमुख फार्मास्युटिकल और आयुर्वेदिक दवा निर्माण कंपनी के लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा निर्मित छह दवाओं के नमूनों में गंभीर दूषण (Contamination) पाए जाने और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP) के मानकों का बार-बार उल्लंघन करने के बाद की गई है।
एफडीए के वरिष्ठ निरीक्षकों की टीम द्वारा कंपनी के पुणे स्थित निर्माण संयंत्र का अचानक निरीक्षण किया गया था। जांच रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कंपनी के पास दवा निर्माण से जुड़ा अधूरा रिकॉर्ड था, उत्पादन क्षेत्र में साफ-सफाई और स्वच्छता (Hygiene) के मानकों की भारी अनदेखी की जा रही थी, और गुणवत्ता नियंत्रण (Quality-control) के बुनियादी उपकरण तक काम नहीं कर रहे थे। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि स्वीकृत आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन (Approved Ayurvedic Formulations) में जिन मुख्य और आवश्यक जड़ी-बूटियों व सामग्रियों का उल्लेख था, कंपनी ने लागत बचाने के चक्कर में उन्हें दवा में डाला ही नहीं था।
महाराष्ट्र एफडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अमानक और दूषित दवाएं मरीजों की जान के लिए सीधा खतरा बन सकती हैं। जिन छह दूषित दवाओं के बैच चिन्हित किए गए हैं, उन्हें बाज़ार से वापस (Recall) लेने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और संबंधित दवा विक्रेताओं को भी उनकी बिक्री रोकने को कहा गया है। इसके अलावा, कंपनी के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम (Drugs and Cosmetics Act) की कडी धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।
यह कार्रवाई देश भर के दवा निर्माताओं के लिए एक कड़ा संदेश है। हाल के दिनों में भारतीय दवाओं की गुणवत्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई सवाल उठे थे। ऐसे में महाराष्ट्र एफडीए की यह त्वरित और सख्त कार्रवाई यह साबित करती है कि नियामक एजेंसियां अब सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।