‘क्या तुम्हारे बाप के घर से आएगा शुद्ध पेट्रोल?’
भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने विवादित और ठेठ अंदाज़ में किया सरकार की इथेनॉल नीति का बचाव
विवेक ओझा/ रीवा / नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के रीवा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जनार्दन मिश्रा, जो अक्सर अपनी बेबाक और विवादित बयानबाज़ी के लिए चर्चा में रहते हैं, ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। पेट्रोल में इथेनॉल (Ethanol) मिलाए जाने और उससे वाहनों के इंजनों पर पड़ने वाले कथित असर की शिकायतों का जवाब देते हुए सांसद ने एक बेहद ठेठ और विवादित टिप्पणी की। उन्होंने एक जनसभा में तीखे लहजे में कहा, “क्या शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?” उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिस पर राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया है।
हालांकि सांसद की भाषा को लेकर विपक्ष उन पर ‘अहंकारी’ होने का आरोप लगा रहा है, लेकिन अगर इस ठेठ बयान के पीछे की अर्थव्यवस्था (Economy) और सरकारी नीति का विश्लेषण किया जाए, तो यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र की एक बड़ी मजबूरी और रणनीतिक आवश्यकता को दर्शाता है। भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत कच्चा तेल (Crude Oil) आयात करता है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ता है। इसी आयात बिल को कम करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए केंद्र सरकार ने ‘इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम’ (EBP) लागू किया है।
इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने के रस, मक्के और टूटे हुए चावल से बनाया जाने वाला एक जैव-ईंधन (Bio-fuel) है। वर्तमान में सरकार का लक्ष्य पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाना (E20 Target) है। इससे न केवल कच्चे तेल के आयात में अरबों डॉलर की बचत हो रही है, बल्कि देश के किसानों (विशेषकर गन्ना किसानों) को उनकी फसल का समय पर और उचित मूल्य भी मिल रहा है। इसके साथ ही, इथेनॉल के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) में भी भारी कमी आती है।
जनार्दन मिश्रा का बयान, भले ही असंसदीय और कड़वा प्रतीत होता हो, लेकिन यह ज़मीनी हकीकत है कि भारत जैसे विशाल और ऊर्जा की भूखी अर्थव्यवस्था के लिए 100% ‘शुद्ध’ (अनब्लेंडेड) जीवाश्म ईंधन पर निर्भर रहना आर्थिक रूप से आत्मघाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं (Economy & Environment) के दृष्टिकोण से यह घटना इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे एक व्यापक वृहद-आर्थिक नीति (Macro-economic policy) ज़मीनी स्तर की राजनीति और आम जनता के विमर्श से टकराती है।