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चीन में प्रकृति का भयानक कहर

'टाइफून डॉल्फिन' के कारण शंघाई में रिकॉर्ड बारिश, 10 लाख से अधिक लोग निकाले गए सुरक्षित स्थानों पर

अभिषेक सिंह/ बीजिंग / शंघाई: चीन के पूर्वी और दक्षिणी तटीय इलाकों में इस वक्त प्रकृति का भीषण और विनाशकारी रूप देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय समाचार पोर्टल ‘द गार्जियन’ (The Guardian) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, एक बेहद शक्तिशाली और खतरनाक समुद्री तूफान ‘टाइफून डॉल्फिन’ (Typhoon Dolphin) ने चीन के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। आपदा की भयावहता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीनी प्रशासन को एहतियात के तौर पर 10 लाख (एक मिलियन) से अधिक नागरिकों को उनके घरों से निकालकर आपातकालीन सुरक्षित शिविरों (Evacuation shelters) में विस्थापित करना पड़ा है। यह हाल के वर्षों में चीन के सबसे बड़े नागरिक विस्थापन अभियानों में से एक है।

रिपोर्ट और ज़मीनी दृश्यों के मुताबिक, टाइफून डॉल्फिन ने पूर्वी चीन के वानजाउ (Wenzhou) शहर के पास भयंकर रूप से लैंडफॉल (Landfall) किया है। लैंडफॉल के दौरान हवा की गति और तूफानी झोंके इतने तेज़ थे कि राजमार्गों पर चल रहे भारी-भरकम ट्रक भी पलट गए। सामने आई फुटेज में वानजाउ में तेज़ आंधी के कारण एक बड़े ट्रक को सड़क पर पलटते हुए साफ देखा जा सकता है। इसके साथ ही, चीन की आर्थिक और वित्तीय राजधानी कहे जाने वाले शंघाई (Shanghai) में इस तूफान के प्रभाव से ‘रिकॉर्ड तोड़’ मूसलाधार बारिश (Record rainfall) हुई है। ऐतिहासिक बारिश के कारण शंघाई के कई निचले इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया है, जनजीवन पूरी तरह से पंगु हो गया है और सार्वजनिक परिवहन तथा व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह ठप पड़ गई हैं।

मौसम विज्ञान (Meteorology) और जलवायु विश्लेषण के दृष्टिकोण से, इस टाइफून ने एक बेहद अनोखी और विपरीत मौसमी स्थिति (Weather Paradox) पैदा कर दी है। जहां एक तरफ शंघाई और वानजाउ भारी बारिश और तूफानी हवाओं में डूबे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तूफान ने हांगकांग (Hong Kong) में एक अभूतपूर्व हीटवेव (Heatwave) को ईंधन दे दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, टाइफून डॉल्फिन के बाहरी वायुमंडलीय दबाव और सर्कुलेशन के कारण हांगकांग ने इतिहास में अपना ‘अब तक का सबसे गर्म दिन’ (Hottest day ever) दर्ज किया है। एक ही मौसम प्रणाली का एक हिस्से में बाढ़ और दूसरे हिस्से में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पैदा करना, जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की गंभीरता का एक जीता-जागता और खौफनाक उदाहरण है।

चीनी आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने तटीय राज्यों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी कर दिया है। सेना, कोस्ट गार्ड और आपातकालीन प्रतिक्रिया बलों (Emergency Response Forces) को युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में लगाया गया है। आर्थिक दृष्टिकोण से, शंघाई और वानजाउ जैसे प्रमुख विनिर्माण (Manufacturing) और शिपिंग केंद्रों के बंद होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) पर अल्पकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ने की भी गहरी आशंका है। दुनिया भर के मौसम विज्ञानी इस तूफान के पैटर्न का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।