दिल्ली में करोड़ों की दो परियोजनाएं अटकीं, मंजूरी के बाद भी एमएएमसी हॉस्टल का टेंडर नहीं हुआ जारी

नई दिल्ली। दिल्ली में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं सरकारी प्रक्रियाओं में अटकी हुई हैं। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) में मेडिकल छात्रों के लिए दो नए हॉस्टल बनाने की परियोजना को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के चार महीने बाद भी टेंडर जारी नहीं हो सका है। वहीं, द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की करीब 806 करोड़ रुपये की परियोजना का कैबिनेट नोट अभी प्रक्रिया में है।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से मामला सामने लाए जाने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोनों परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दिए हैं।एमएएमसी में दो हॉस्टल बनने हैंएमएएमसी में मेडिकल छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग दो हॉस्टल भवनों के निर्माण की योजना है। मेडिकल छात्रों के हॉस्टल की अनुमानित लागत 304.22 करोड़ रुपये, जबकि छात्राओं के हॉस्टल पर करीब 269.19 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।परियोजना को 12 अप्रैल को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, मंजूरी के बावजूद निर्माण कार्य की दिशा में अब तक टेंडर जारी नहीं किया गया है। इससे परियोजना की शुरुआत में देरी हो रही है।द्वारका में 805.99 करोड़ की योजनादूसरी बड़ी परियोजना द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की है। 805.99 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण में मेडिकल कॉलेज के साथ छात्र-छात्राओं के हॉस्टल, फैकल्टी आवास और अकादमिक ब्लॉक का निर्माण प्रस्तावित है।इस परियोजना का कैबिनेट नोट अभी विचाराधीन है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। यह योजना पिछली सरकार के समय से प्रस्तावित है, लेकिन अब तक इसे धरातल पर उतारने की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है।चिकित्सा शिक्षा के विस्तार से जुड़ी दोनों योजनाएंदोनों परियोजनाओं को दिल्ली के चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एमएएमसी में नए हॉस्टल बनने से मेडिकल छात्रों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं, द्वारका में मेडिकल कॉलेज शुरू होने से पश्चिमी दिल्ली में चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।सरकार के निर्देश के बाद अब इन दोनों परियोजनाओं की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।