राजनीतिक बयानबाज़ी चरम पर: भाजपा का तीखा प्रहार- ‘कांग्रेस ने खुद स्वीकार कर लिया है कि वह अब दिमागी नक्सल कांग्रेस बन चुकी है’

इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली: देश की सियासत में विचारधारा और बयानों की जंग एक नए और बेहद आक्रामक स्तर पर पहुंच गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर अब तक का सबसे ज़ोरदार और वैचारिक हमला बोला है। भाजपा ने कांग्रेस पर ‘शहरी नक्सलवाद’ (Urban Naxalism) को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस ने अब स्वयं इस बात को स्वीकार कर लिया है कि वह ‘दिमागी नक्सल कांग्रेस’ (Dimagi Naxal Congress) बन गई है।
यह तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय (BJP HQ) में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आई। भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी (Dr. Sudhanshu Trivedi) ने मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा। डॉ. त्रिवेदी ने इस बहस के पीछे के ठोस आधार का ज़िक्र करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) के हालिया बयानों का हवाला दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने दोटूक शब्दों में कहा, “इसमें किसी भी तरह के ‘अगर-मगर’ (if and but) का कोई सवाल ही नहीं उठता, जब स्वयं पी. चिदंबरम आगे आए हैं और सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है”। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस अब अपनी मूल राष्ट्रीय विचारधारा से पूरी तरह भटक चुकी है और वह अति-वामपंथी तथा विभाजनकारी ताकतों के चंगुल में फंस गई है।
भाजपा का यह हमला कांग्रेस द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और उनके घोषणापत्र में वामपंथी झुकाव वाली नीतियों के परिप्रेक्ष्य में बेहद अहम माना जा रहा है। ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल उन बुद्धिजीवियों और नेताओं के लिए किया जाता है जो कथित तौर पर नक्सली विचारधारा का बौद्धिक और वैचारिक समर्थन करते हैं। भाजपा अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और कांग्रेस के वैचारिक पतन का नैरेटिव (विमर्श) सेट करने की तैयारी में है। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सरकार की अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने की एक हताश राजनीतिक साज़िश करार दिया है।