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यूपी एटीएस की बड़ी कामयाबी: मेरठ से जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, मदरसे में पढ़ाई की आड़ में पाकिस्तान भेजता था चंदा

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ मेरठ / लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आतंकवाद और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) को एक बहुत बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। यूपी एटीएस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले से कुख्यात अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ (JeM) से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पकड़ा गया आरोपी धार्मिक शिक्षा की आड़ में देश के भीतर से चंदा और फंडिंग जुटाकर सीमा पार पाकिस्तान भेजा करता था।

एटीएस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किया गया आरोपी मूल रूप से बिहार के पूर्णिया ज़िले का निवासी है। वह पिछले काफी समय से मेरठ के एक मदरसे में रहकर मौलाना की पढ़ाई कर रहा था। खुफिया जांच में यह बात सामने आई है कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडरों और हैंडलर्स के लगातार संपर्क में था। वह ऑनलाइन माध्यमों से भारत-विरोधी जिहादी प्रचार से प्रभावित होकर पूरी तरह से ‘रेडिकलाइज़’ (कट्टरपंथी) हो चुका था।

जांच एजेंसियों का खुलासा है कि आरोपी का मुख्य काम देश के विभिन्न हिस्सों से स्थानीय स्तर पर गुप्त रूप से चंदा (Terror Funding) एकत्र करना था। इस जुटाए गए पैसे को वह हवाला और डिजिटल वॉलेट्स के ज़रिए पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाता था, ताकि उसका इस्तेमाल भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने और नए युवाओं को बरगलाने के लिए किया जा सके।

एटीएस की विशेष टीम ने आरोपी के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल फोन, भड़काऊ ऑडियो-वीडियो सामग्री और बैंक खातों से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य ज़ब्त किए हैं। स्वतंत्रता दिवस के ठीक बाद हुई इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। एटीएस अब आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है ताकि मेरठ, दिल्ली और बिहार में फैले उसके पूरे नेटवर्क, स्थानीय मददगारों और फंडिंग के मुख्य स्रोतों का पर्दाफाश किया जा सके। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में किसी भी तरह के आतंकी मॉड्यूल को पनपने नहीं दिया जाएगा।