फर्जी सरकारी दफ्तर और हाउसिंग घोटाले पर ED का प्रहार: गुजरात में 152.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क, कई अहम खुलासे

द इंडियन व्यू टीम/ अहमदाबाद / नई दिल्ली: आर्थिक अपराधों और जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वालों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने गुजरात में एक बहुत बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी ने राज्य में हुए एक फर्जी सरकारी कार्यालय घोटाले और एक बड़े हाउसिंग फ्रॉड मामले में कुल 152.5 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क (attaches assets) कर लिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच एजेंसी के ज़ीरो-टॉलरेंस रवैये को दर्शाती है।

जांच एजेंसी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गुजरात के दाहोद (Dahod) ज़िले में एक बेहद शातिर गिरोह ने फर्जी (bogus) सरकारी कार्यालय खोलकर भारी मात्रा में सरकारी और सार्वजनिक धन का गबन (siphoned off public funds) किया था। इस महाघोटाले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ईडी के अधिकारियों ने ज़मीन के बड़े टुकड़ों (land parcels), म्यूचुअल फंड निवेशों (mutual fund investments) और आरोपियों के बैंक खातों की शेष राशि को ज़ब्त (seized) कर लिया है।

यह अपने आप में एक हैरान करने वाला मामला है कि कैसे जालसाज़ों ने समानांतर रूप से एक फर्जी सरकारी तंत्र खड़ा कर लिया और सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगा दिया। इसके अलावा, एक अन्य अलग मामले में ईडी ने अहमदाबाद (Ahmedabad) में हुए एक बड़े हाउसिंग फ्रॉड (housing fraud) की भी गहन जांच शुरू की है।

इस रियल एस्टेट और हाउसिंग धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसी ने 129.8 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों (immovable properties) को कुर्क किया है। प्रवर्तन निदेशालय की इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने राज्य के भ्रष्टाचार और जालसाज़ी सिंडिकेट में हड़कंप मचा दिया है। कुर्क की गई संपत्तियों की जांच से अब मनी लॉन्ड्रिंग के इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल सफेदपोश अपराधियों के चेहरों से नकाब उठने की उम्मीद है।