ग्लेन मैक्सवेल की फैमिली में नया सदस्य, विनी रमन ने बेटी को दिया जन्म
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल और उनकी पत्नी विनी रमन ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर बताया है कि उनके घर दूसरी बार किलकारी गूंजी है। इस विवाहित जोड़े ने बच्ची को जन्म हुआ दिया है, जिसका नाम माइया मैक्सवेल रखा गया है।
मैक्सवेल और रमन ने एक संयुक्त इंस्टाग्राम पोस्ट से यह खबर साझा की। इसमें अपनी बेटी का परिचय देते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा- “हमारी सपनों की बेटी आ गई है, माइया मैक्सवेल।” इस घोषणा के बाद साथी क्रिकेटरों, खेल फ्रेंचाइजी और प्रशंसकों से बधाई संदेश और शुभकामनाएं मिलीं। इसका तांता लगा हुआ है। माया इस दंपत्ति की दूसरी संतान हैं। उनका पहला बेटा लोगन मैवरिक मैक्सवेल 11 सितंबर, 2023 को पैदा हुआ था।
बता दें कि स्टार ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल और रमन की पहली मुलाकात दिसंबर 2013 में हुई थी। वे पहले दोस्त बने और फिर उनका रिश्ता शुरू हुआ और 2017 में उन्होंने इसे आधिकारिक रूप दिया। इस जोड़े ने फरवरी 2020 में अपनी सगाई की घोषणा की। उन्होंने 27 मार्च, 2022 को मेलबर्न में शादी की।

शादी सगाई के दो साल बाद इसलिए हुई क्योंकि कोविड के कारण व्यवस्था ठीक से बन नहीं पाई थी। इस दौरान कपल ने शादी के फैसले को कुछ समय के लिए टाल दिया था। इस कपल ने एक नहीं बल्कि दो बार शादी की। ऐसा इसलिए क्योंकि मैक्सवेल ईसाई परिवार से ताल्लुक रखते हैं जबकि विनी रमन हिंदू परिवार से हैं। विनी भारतीय मूल की हैं। उनका भारत से गहरा जुड़ाव है।
यही कारण है कि उन्होंने ईसाई धर्म के रिवाजों के अनुसार शादी करने के अलावा हिंदू धर्म के अनुसार भी शादी करने का फैसला किया। इसलिए एक पारंपरिक ईसाई शादी के साथ-साथ एक हिंदू रीति-रिवाजों से भी रस्म अदा की गई थी। इस समारोह में मैक्सवेल ने एक पारंपरिक सुनहरी शेरवानी पहनी थी। विनी रमन अक्सर भारतीय पारंपरिक लिबास में अपनी तस्वीरें साझा करती हैं जिसे भारतीय फैंस काफी पसंद करते हैं।

Glenn Maxwell (@gmaxi_32)
माइया का जन्म मैक्सवेल के करियर के एक अलग दौर में हुआ है। इस विस्फोटक ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ने जून 2025 में वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है। उनके 149 मैचों के करियर का अंत हो गया, जिसमें उन्होंने 3,990 रन बनाए और 77 विकेट लिए। वे 2015 और 2023 में ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप विजेता टीमों का हिस्सा थे। मुंबई में अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी असाधारण नाबाद 201 रनों की पारी विश्व कप की सबसे यादगार पारियों में से एक बन गई। इस मुकाबले में चोट से जूझते हुए भी मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई थी।