सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव: वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय बने अध्यक्ष, प्रज्ञा बघेल को मिली सचिव पद की जिम्मेदारी

New Delhi : देश की सबसे बड़ी अदालत के वकीलों के संगठन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के चुनाव परिणाम सामने आ चुके हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने शानदार जीत दर्ज करते हुए बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष का पद अपने नाम कर लिया है। इस चुनाव में वकीलों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लगभग 82 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नई कार्यकारिणी के गठन से वकीलों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।प्रदीप राय ने इतने वोटों से दर्ज की जीतअध्यक्ष पद के लिए हुए कड़े मुकाबले में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने कुल 822 वोट हासिल किए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम लाल दास को 371 वोटों के बड़े अंतर से मात दी। अनुपम लाल दास को इस चुनाव में 451 वोट मिले। प्रदीप राय के अध्यक्ष बनने से अब वे अगले एक साल तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस पद के लिए आदिश अग्रवाल, गौरव भाटिया, सुकुमार पट्टजोशी, सिद्धार्थ मृदुल और महालक्ष्मी पवानी भी चुनावी मैदान में थे जिन्हें अलग-अलग संख्या में वोट प्राप्त हुए।अन्य पदों पर कौन-कौन हुआ विजयी?अध्यक्ष पद के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अन्य महत्वपूर्ण पदों के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। उपाध्यक्ष पद की कमान वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल कौशिक को सौंपी गई है। वहीं, सचिव पद के लिए अधिवक्ता प्रज्ञा बघेल ने बाजी मारी है और इस महत्वपूर्ण पद पर चुनी गई हैं। इसके अलावा, अधिवक्ता मुनीश दुबे को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इस बार के चुनाव में करीब 2,794 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।दूसरी कोशिश में मिली बड़ी सफलतानवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रदीप राय के लिए यह जीत काफी खास है क्योंकि उन्होंने लगातार दूसरी बार इस पद के लिए अपनी किस्मत आजमाई थी। इससे पहले उन्होंने साल 2025 में भी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा था, हालांकि तब विकास सिंह ने जीत हासिल की थी और वे 2025-26 के कार्यकाल के दौरान SCBA अध्यक्ष रहे थे। इस बार प्रदीप राय ने अपनी मजबूत रणनीति और एजेंडे के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।वकीलों से किए गए थे बड़े वादेचुनाव से ठीक पहले आयोजित अध्यक्ष पद की बहस और प्रचार के दौरान प्रदीप राय ने कई बड़े और अहम मुद्दों को उठाया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लागू सीक्वेंसिंग सिस्टम को खत्म करने की पुरजोर पैरवी की थी। इसके अलावा, वकीलों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने SCBA सदस्यों के लिए 50 लाख रुपये तक का मेडिकल सुरक्षा कवर उपलब्ध कराने का बड़ा वादा किया था। साथ ही वकीलों के बच्चों के लिए मेरिट आधारित छात्रवृत्ति शुरू करने का भी आश्वासन दिया था, जिसे लेकर वकीलों के बीच काफी चर्चा रही थी।