UIDAI का ऐतिहासिक कदम: 1.6 लाख स्कूलों में 2 करोड़ बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट सफलतापूर्वक पूरा

राघवेन्द्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश में डिजिटल पहचान और बाल कल्याण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में चलाए गए एक देशव्यापी विशेष अभियान के तहत, UIDAI ने लगभग 1.6 लाख स्कूलों में जाकर दो करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों के आधार कार्ड में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट का काम पूरा कर लिया है।
बायोमेट्रिक अपडेट क्यों है जरूरी?
नियमों के अनुसार, 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी करने पर बच्चों के आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट, आंखों की पुतली (Iris) और चेहरे की तस्वीर (Facial photograph) को अपडेट कराना अनिवार्य होता है। उम्र के साथ बच्चों के शारीरिक मापदंडों में बदलाव आता है, इसलिए यह अपडेट उनकी पहचान को सटीक बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। अक्सर माता-पिता जागरूकता की कमी या समय के अभाव में इसे टाल देते हैं, जिससे बच्चों को भविष्य में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्कूलों में चला विशेष अभियान:
इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए UIDAI ने राज्य सरकारों और शिक्षा विभागों के साथ मिलकर सीधे स्कूलों में ही आधार अपडेशन कैंप लगाए। इस पहल ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले अभिभावकों को बड़ी राहत दी है, जिन्हें अन्यथा आधार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते।
योजनाओं में मिलेगी पारदर्शिता:
इस अपडेट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी योजनाओं, जैसे—मिड-डे मील, स्कॉलरशिप, मुफ्त साइकिल वितरण और अन्य प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी। सही और अपडेटेड आधार डेटाबेस होने से यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी सहायता का एक-एक पैसा वास्तविक और योग्य छात्रों तक ही पहुंचे। UIDAI का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने का एक शानदार उदाहरण है।z