क्या है ‘त्रिनेत्र’? जिसके जरिए भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के ड्रग्स कारोबार को किया जाएगा खत्म

नई दिल्ली ( विवेक ओझा ) : भारत में चोरी-छिपे रह रहे और ड्रग्स का काला कारोबार चलाने वाले विदेशी नागरिकों को चुन-चुनकर दबोचने के लिए ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ शुरू किया जा रहा है. एनसीबी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस तथा आव्रजन अधिकारियों के साथ मिलकर सितंबर के पहले सप्ताह में एक राष्ट्रव्यापी अभियान, ‘त्रिनेत्र’ शुरू करेगी. इसका उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे उन विदेशी नागरिकों की पहचान करना है जिन पर ड्रग तस्करी में शामिल होने का संदेह है।
बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने विदेशी नागरिकों से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था, जो भारत में अवैध रूप से वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रह रहे थे. इस कार्रवाई में लगभग 15 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई थी. इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए अब सरकार बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है।
यह अभियान ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों की खुफिया जानकारी के आधार पर पहचान और सत्यापन करने, उनकी आव्रजन स्थिति की जांच करने तथा मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के साथ उनके संबंधों की तफ्तीश करने पर केंद्रित होगा।
NCB के एक अधिकारी ने ‘ईटीवी भारत’ को बताया कि अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय (तालमेल) बनाकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी ने कहा, यह पहल एनसीबी के व्यापक ‘नेटवर्क-केंद्रित दृष्टिकोण’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जांच को केवल व्यक्तिगत तौर पर ड्रग्स जब्त करने तक सीमित रखने के बजाय, पूरे मादक पदार्थ तस्करी सिंडिकेट को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है।
एनसीबी का यह ऑपरेशन उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स से मिले खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ. यूपी एसटीएफ और एनसीबी द्वारा 18 जुलाई को नई दिल्ली के खानपुर स्थित राजू पार्क में की गई एक संयुक्त तलाशी के परिणामस्वरूप 5.087 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त किया गया और नाइजीरियाई नागरिक ओबासे प्रॉस्पर ओगबोरोनजोर को गिरफ्तार किया गया।
ओगबोरोनजोर की यूपी एसटीएफ को करीब 68 लाख रुपये के एक बड़े साइबर-धोखाधड़ी के मामले में भी तलाश थी. जांचकर्ताओं ने पाया कि जून 2023 में अपना मेडिकल वीजा खत्म होने के बाद भी वह भारत में अवैध रूप से रह रहा था. आगे की जांच एजेंसियों को गुरुग्राम के हंस एन्क्लेव ले गई, जहां 21 जुलाई को की गई तलाशी के दौरान 9.7 किलोग्राम एम्फेटामाइन और 67.84 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन बरामद हुई. इस परिसर से नाइजीरियाई नागरिक अबुची जॉर्ज ओकोरी को गिरफ्तार किया गया।
स्यूडोएफेड्रिन (Pseudoephedrine) स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम के तहत एक अधिसूचित नियंत्रित पदार्थ है और इसका उपयोग मेथामफेटामाइन के अवैध निर्माण के लिए किया जा सकता है. ओकोरी ने एक मेडिकल अटेंडेंट वीज़ा पर भारत में प्रवेश किया था जो जून 2015 तक वैध था और आरोप है कि वह इसकी अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में अवैध रूप से रह रहा था.
त्रिनेत्र’ अभियान के माध्यम से, एजेंसी इन प्रयासों को एक समन्वित राष्ट्रीय ढांचे के तहत लाने की योजना बना रही है, जिससे संदिग्ध रूप से अवधि के बाद भी रह रहे लोगों की निगरानी मजबूत होगी. उन मददगारों व सहायता प्रणालियों को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी जो अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को बढ़ावा देते हैं.