कूकाबुरा से अभ्यास का मिला फायदा, गाले में 10 विकेट लेकर छाए मानव सुथार

श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के नायक रहे युवा स्पिनर मानव सुथार ने अपने शानदार प्रदर्शन के पीछे की तैयारी का खुलासा किया है। बाएं हाथ के स्पिनर ने मैच में 10 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। सुथार के मुताबिक, घर पर कूकाबुरा गेंद से किया गया अभ्यास श्रीलंका में उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुआ।

बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में सुथार ने बताया कि अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के मैच के बाद उन्होंने कूकाबुरा गेंद के साथ तालमेल बिठाने पर विशेष ध्यान दिया था। उन्होंने कहा कि घर और नेट्स दोनों जगह उन्होंने इसी गेंद से काफी समय तक अभ्यास किया। इसका फायदा उन्हें श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में मिला।

सुथार ने कहा कि भारतीय टीम टेस्ट से करीब दस दिन पहले श्रीलंका पहुंच गई थी, जिससे उन्हें वहां के माहौल और कूकाबुरा गेंद के साथ खुद को ढालने का पर्याप्त समय मिला। उनके मुताबिक, यह तैयारी गाले टेस्ट में काफी काम आई।

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उन्होंने बोला, “मैं क्रिकेट को काफी गंभीरता से लेता हूं। जब मैं अभ्यास करने जाता हूं तो मेरा ध्यान हर दिन बेहतर होने पर होता है। मैं जितना हो सके उतना अभ्यास करता हूं। अफगानिस्तान मैच के बाद मेरा ध्यान जल्द से जल्द तालमेल बिठाने पर था। मैंने कूकाबुरा गेंद के साथ बहुत अभ्यास किया। यह बहुत जरूरी था।”

सुथार ने रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव से हुई बातचीत को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों के साथ इस बात पर चर्चा हुई कि गेंदबाजी के दौरान कितना धैर्य रखना है। भारतीय स्पिनरों को पता था कि गाले की पिच पर नए बल्लेबाज के लिए शुरुआत करना आसान नहीं होगा।

उन्होंने बोला, “हम इस बारे में बात कर रहे थे कि हम कितने सब्र से खेल सकते हैं। हम जानते थे कि नए बल्लेबाज के लिए इस विकेट पर खेलना मुश्किल होगा।” सुथार के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से ज्यादा टीम की जीत मायने रखती है। उन्होंने कहा कि सबसे अहम बात भारत का मैच जीतना है और वह इस बात से बेहद खुश हैं कि अपने प्रदर्शन से टीम की जीत में योगदान दे सके।

सुथार ने कहा, “सबसे जरूरी बात यह है कि हमने मैच जीता। मैं इससे बहुत खुश हूं। मैं बहुत खुश हूं कि टीम की जीत में अच्छा प्रदर्शन कर पाया। जीतना सबसे अच्छी बात है।” उन्होंने आगे कहा कि सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करना पूरी टीम के लिए सकारात्मक है। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और आगे के मुकाबलों में भी मदद मिलती है।