यूपी गंभीर बीमारी सहायता योजना: गंभीर बीमारी के इलाज में योगी सरकार करेगी मदद, जानिए किन रोगों पर मिलेगा लाभ

अभिषेक सिंह
लखनऊ/उत्तर प्रदेश: गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए कैंसर या दिल की बीमारी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज कराना किसी आर्थिक सदमे से कम नहीं होता। निजी अस्पतालों का भारी-भरकम खर्च उठा पाना एक मजदूर के लिए असंभव सा हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ‘यूपी गंभीर बीमारी सहायता योजना’ (UP Gambhir Bimari Sahayata Yojana) चला रही है। यह योजना गरीब और पंजीकृत श्रमिकों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जिसके तहत सरकार गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च उठाती है।
क्या है यूपी गंभीर बीमारी सहायता योजना?
यह योजना ‘उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ (श्रम विभाग) द्वारा संचालित की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के उन दिहाड़ी मजदूरों और निर्माण श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जो पैसों की कमी के कारण अपना या अपने परिवार का इलाज नहीं करा पाते हैं। इस योजना के तहत सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में इलाज कराने पर पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। धनराशि सीधे संबंधित अस्पताल के खाते में या श्रमिक के खाते में ट्रांसफर की जाती है।
किन गंभीर बीमारियों पर मिलता है लाभ?
योजना के तहत उन बीमारियों को शामिल किया गया है जिनका इलाज बेहद महंगा होता है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- कैंसर (Cancer)
- हृदय रोग और हार्ट सर्जरी (बायपास सर्जरी, वाल्व रिप्लेसमेंट आदि)
- गुर्दे (किडनी) की गंभीर बीमारियां और किडनी ट्रांसप्लांट
- लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant)
- मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी (Brain & Spinal Surgery)
- एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS)
- लकवा (Paralysis)
- इसके अलावा भी मेडिकल बोर्ड द्वारा सुझाई गई कई अन्य गंभीर बीमारियां इस योजना के दायरे में आती हैं।
योजना का लाभ किसे मिलेगा? (पात्रता)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ नियम और शर्तें तय की हैं:
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- श्रमिक का श्रम विभाग में पंजीकरण (Labour Card) होना अनिवार्य है और उसका अंशदान लगातार जमा होना चाहिए (पंजीकरण सक्रिय होना चाहिए)।
- इस योजना का लाभ केवल पंजीकृत श्रमिक, उसकी पत्नी/पति, अविवाहित पुत्रियां और 21 वर्ष से कम आयु के आश्रित पुत्रों को ही मिल सकता है।
- जिन श्रमिकों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ या ‘मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वे भी इस योजना के तहत कवर किए जाते हैं।
आवेदन कैसे करें और आवश्यक दस्तावेज
श्रमिक इस योजना के तहत ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन यूपी श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (upbocw.in) के माध्यम से या जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर किया जा सकता है।
जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं:
- श्रमिक का वैध लेबर कार्ड (Shramik Card)
- आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र
- सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल के डॉक्टर द्वारा दिया गया बीमारी का प्रमाण पत्र और इलाज के खर्च का एस्टीमेट (अनुमानित खर्च का पर्चा)
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘गंभीर बीमारी सहायता योजना’ उन लाखों श्रमिकों के लिए एक बड़ा सहारा है जो दिन-रात मेहनत करके राज्य के निर्माण में अपना योगदान देते हैं। इस योजना ने यह सुनिश्चित किया है कि अब यूपी में कोई भी मजदूर पैसों की कमी के चलते गंभीर बीमारी के इलाज से वंचित नहीं रहेगा।