ये बच्चे हमारी उम्मीद हैं’: डॉ. संजय कपूर ने युवा क्रिकेटरों को बताया भविष्य की ताकत
लखनऊ। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को यूपी टी-20 लीग सीजन-4 में रविवार को लखनऊ फाल्कन्स बनाम नोएडा किंग्स के बीच खेले गए मैच में क्रिकेट का रोमांच उस समय और खास हो गया, जब स्टेडियम में विभिन्न स्कूलों से आए सैकड़ों युवा और उभरते क्रिकेटरों ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को करीब से खेलते हुए देखा।
लखनऊ फाल्कन्स की अगुवाई कर रहे अनुभवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार और मैदान पर मौजूद रिंकू सिंह जैसे सितारों को खेलते देख इन बच्चों के चेहरों पर उत्साह साफ नजर आया। युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें बड़े सितारों को देखने का अवसर देने के उद्देश्य से विभिन्न स्कूलों के बच्चों को मुकाबला देखने का अवसर दिया गया।
यूपी टी-20 लीग गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने इस दौरान युवा प्रशंसकों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने कहा कि इस उम्र में किसी बड़े खिलाड़ी को करीब से खेलते देखना बच्चों के भीतर खेल के प्रति जुनून और आगे बढ़ने की प्रेरणा पैदा करता है।

डॉ. संजय कपूर ने कहा कि ये बच्चे हमारी उम्मीद हैं, इनसे हमें उम्मीद है। ये उत्तर प्रदेश का भविष्य हैं। मैं कहना चाहूंगा कि इनकी उम्मीद हमसे है और हमारी उम्मीद इनसे है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन्हें सही मंच और बेहतर अवसर उपलब्ध कराएं, ताकि ये अपनी प्रतिभा को निखारकर आगे बढ़ सकें।
भुवनेश्वर कुमार और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ियों को देखकर बच्चों के प्रेरित होने के सवाल पर डॉ. कपूर ने कहा कि इस उम्र में बच्चे मैदान पर दिखाई देने वाले सितारों को अपना रोल मॉडल मान लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब बच्चे किसी को रोल मॉडल बना लेते हैं तो उसकी हर गतिविधि, उसकी बातें और खेल से जुड़ी छोटी-छोटी बारीकियों तक को ध्यान से देखते हैं। वे उनसे प्रेरित होते हैं, उन्हें अपना आदर्श बनाते हैं और उसी तरह आगे बढ़ने के लिए मेहनत करते हैं।

उन्होंने कहा कि खेल के मैदान पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि उनका अनुशासन, व्यवहार, मेहनत और खेल भावना भी युवा खिलाड़ियों के लिए सीख का माध्यम बनती है। ऐसे आयोजनों के जरिए बच्चों को यह समझने का अवसर मिलता है कि बड़े स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण भी जरूरी है।
गौरतलब है कि युवा प्रतिभाओं को स्टेडियम तक लाने की यह पहल उत्तर प्रदेश में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यूपी टी-20 लीग के जरिए प्रदेश के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को जहां प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का मंच मिल रहा है, वहीं स्कूलों के बच्चों को अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को करीब से देखने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर भी मिल रहा है।

यूपी टी-20 लीग ने उत्तर प्रदेश के क्रिकेट को व्यापक पहचान दिलाने के साथ लखनऊ और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों में मुकाबलों के माध्यम से दर्शकों तक पहुंच बनाई है। इसके मुकाबलों का प्रसारण देश-विदेश में किया जा रहा है, जबकि हिंदी और भोजपुरी कमेंट्री के माध्यम से लीग ने प्रदेश की स्थानीय भाषा और संस्कृति से भी अपना जुड़ाव मजबूत किया है।
यूपी टी-20 लीग का यह प्रयास केवल क्रिकेट मुकाबलों तक सीमित नहीं है, बल्कि मैदान पर मौजूद सितारों और स्टेडियम में बैठे भविष्य के खिलाड़ियों के बीच एक प्रेरणादायी सेतु भी तैयार कर रहा है। आज दर्शक दीर्घा में बैठे यही बच्चे आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के क्रिकेट का चेहरा बनें, यही इस पहल की सबसे बड़ी सफलता होगी।
