श्रीलंका की शिकायतों पर मांजरेकर ने उठाए सवाल, भारत के रवैये को सराहा

श्रीलंका ने कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने से कुछ मिनट पहले जो हरकतें की, वो संजय मांजरेकर को पसंद नहीं आई हैं। उन्होंने श्रीलंका पर जमकर निशाना साधा और कहा कि भारतीय टीम ने मैदान पर डटकर बिल्कुल सही किया।

सोमवार को प्रभात जयसूर्या और कामिल मिशारा बार-बार मैदानी अंपायरों से नाराजगी जता रहे थे, क्योंकि उन्होंने कम होती रोशनी के बावजूद खेल जारी रखने का फैसला किया। नाइटवॉचमैन बल्लेबाज के रूप में उतरे जयसूर्या (7 गेंदों में 1) सस्ते में आउट हुए। उन्हें स्पिनर मानव सुथार ने एलबीडब्ल्यू किया।

जयसूर्या के आउट होते ही स्टंप्स हो गया, तब श्रीलंका का पहली पारी में स्कोर 8/2 था। भारत दिन के अंतिम घंटे में श्रीलंकाई बल्लेबजों पर दबाव बनाना चाहती थी लेकिन बारिश और खराब मौसम के कारण तीन ओवर का ही खेल संभव हो पाया।

साभार : गूगल

मांजरेकर ने कहा, ”मुझे यह थोड़ा अनप्रोफेशनल रवैया लगा। मुझे पता है कि आप अंपायर को यह संकेत देना चाहते हैं कि रोशनी खराब है, लेकिन आप बॉल से अपनी नजर नहीं हटा सकते। मुझे लगता है कि खराब रोशनी की स्थिति और अंपायर के साथ नाराजगी ने उनके दिमाग पर इतना असर डाला कि वे बॉल पर फोकस नहीं कर रहे थे क्योंकि रोशनी कभी उतनी खराब नहीं थी।

हम जानते हैं कि रोशनी कभी इतनी खराब नहीं होती कि आप बॉल न देख सकें। एक निश्चित स्तर का अंधेरा होता है जिसे खराब रोशनी माना जाता है और बल्लेबाज को उससे जुड़ा फैसले का विकल्प होता है। हो सकता है कि श्रीलंका की बात सही हो कि रोशनी काफी खराब थी, लेकिन इससे उन्होंने जो गलती की, वो सही नहीं ठहरती। नाइटवॉचमैन के आउट होने के लिए आप उसे दोष नहीं दे सकते। सुथार ने शानदार गेंद डाली थी।”

आखिरी सेशन में मौसम बिगड़ने के बाद अंपायरों ने खिलाड़ियों को मैदान से बाहर जाने को कहा। हालांकि, भारतीय कैंप ने अधिकारियों पर दबाव बनाया क्योंकि मेहमान टीम चाहती थी कि कुछ खेल हो। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बारिश जल्द ही रुक गई और खेल जल्द ही शुरू हो गया।

मांजरेकर ने कहा, ”ऐसा करने का क्रेडिट भारत को जाता है। श्रीलंका के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा। प्रभात को देखिए। भारत इसका फायदा उठाएगा। जब कवर्स डाले जा रहे थे, तब भी भारत ने बहुत अच्छा रोल निभाया वे मैदान पर डटे रहे। अंपायर पर दबाया और कहा कि हमें लगता है कि खेल शुरू हो सकता है। ऐसी ही छोटी-छोटी चीजे हैं।

भारत का अब वर्ल्ड क्रिकेट में दबदबा है। अगर भारतीय टीम मैदान पर यह मानकर खड़ी रहे कि खेल शुरू हो सकता है क्योंकि हमें लगता है कि रोशनी पर्याप्त है तो इससे अंपायरों पर थोड़ा प्रेशर पड़ता है।” भारत ने कोलंबो टेस्टी में अपनी पहली पारी 503/9 के स्कोर पर घोषित की।