अमेरिकी पावर ग्रिड की सुरक्षा पर डोनाल्ड ट्रंप का सख्त कदम: विदेशी उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर घोषित किया राष्ट्रीय आपातकाल

अभिषेक सिंह/ वाशिंगटन: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरों के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (Critical Infrastructure) को सुरक्षित करने के लिए एक बेहद आक्रामक और सुरक्षात्मक कदम उठाया है। 27 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी पावर ग्रिड में विदेशी उपकरणों के उपयोग को लेकर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को आर्थिक और तकनीकी खतरों से बचाने की दिशा में एक प्रमुख नीतिगत बदलाव को दर्शाता है।
इस आपातकाल को लागू करने के लिए एक विशेष कार्यकारी आदेश (Executive Order) जारी किया गया है। इस आदेश के तहत देश के ऊर्जा ढांचे को बाहरी हस्तक्षेप से बचाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
- इस कार्यकारी आदेश के माध्यम से कंपनियों को कुछ विशिष्ट विदेशी-निर्मित पुर्जों (foreign-made parts) को खरीदने, आयात करने या स्थापित करने से रोक दिया गया है।
- इन पुर्जों का उपयोग उस प्रणाली में किया जाता है जिसे अमेरिकी सरकार ‘बल्क-पावर सिस्टम’ (bulk-power system) कहती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला मुख्य रूप से उन देशों की कंपनियों को लक्षित करता है जिनके साथ अमेरिका के व्यापारिक और सामरिक संबंध तनावपूर्ण चल रहे हैं। पावर ग्रिड किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा की रीढ़ होता है; यदि इसमें स्थापित उपकरण किसी शत्रु देश द्वारा निर्मित हों, तो साइबर हमले के माध्यम से पूरे ग्रिड को ठप करने का जोखिम बना रहता है। ट्रंप प्रशासन का यह कार्यकारी आदेश अमेरिकी कंपनियों को घरेलू या मित्र देशों के सुरक्षित विकल्पों की ओर मुड़ने के लिए मजबूर करेगा, जो भविष्य में अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा को अभेद्य बनाने की एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।