पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत पर CB-CID का बड़ा एक्शन: 6 पुलिस अधिकारियों को बनाया गया आरोपी, न्याय की जगी उम्मीद

अभिषेक सिंह मदुरै / चेन्नई: पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों (Custodial Deaths) को लेकर मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज की बढ़ती चिंताओं के बीच, तमिलनाडु से एक बेहद अहम खबर सामने आई है। शिवगंगा जिले में एक अनुसूचित जाति (SC) के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अपराध शाखा-अपराध जांच विभाग (CB-CID) ने अपनी जांच तेज़ कर दी है। एक कड़ा और पारदर्शी कदम उठाते हुए, सीबी-सीआईडी ने इस संवेदनशील मामले में छह पुलिस अधिकारियों को औपचारिक रूप से आरोपी (accused) नामज़द किया है।

यह पूरा मामला आकाश डेलिसन (Akash Delison) नामक एक युवक से जुड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डेलिसन शिवगंगा जिले के मानामदुरै (Manamadurai) के पास स्थित कृष्णराजपुरम (Krishnarajapuram) का निवासी था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसे 5 मार्च 2026 को एक विवाद के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। मानामदुरै में हुए एक विवाद के दौरान दो लोगों पर धारदार हथियार से हमला (hacked) किया गया था, और बाद में एक हत्या (murder case) के मामले के सिलसिले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी।

गिरफ्तारी के बाद आकाश डेलिसन गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया, जिसके बाद उसे मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल (Madurai Government Rajaji Hospital) में भर्ती कराया गया था। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। डेलिसन की मौत के बाद उसके परिवार और स्थानीय समुदाय ने पुलिस पर क्रूरता और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया था। मामले की संवेदनशीलता और दलित उत्पीड़न के आरोपों को देखते हुए इसकी जांच CB-CID को सौंप दी गई थी।

अब सीबी-सीआईडी द्वारा छह पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाए जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि युवक की मौत सामान्य नहीं थी और पुलिस की कार्यप्रणाली में भारी खामियां थीं। यह कार्रवाई देश भर में पुलिस सुधारों और हिरासत में बंद लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा की आवश्यकता को एक बार फिर से रेखांकित करती है। पुलिस अधिकारियों का आरोपी बनना इस बात का संकेत है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और वर्दी की आड़ में किसी भी नागरिक के बुनियादी अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डेलिसन के परिजनों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा की मांग की है।