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बाढ़ पीड़ितों के दर्द पर मरहम लगाने मैदान में उतरे सीएम योगी बलिया में हालात का जायजा लेने के बाद देवरिया और गोरखपुर को देंगे करोड़ों की सौगातें

अभिषेक सिंह
लखनऊ और गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ताबड़तोड़ दौरों और जनहित के फैसलों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। एक बार फिर मुख्यमंत्री का पूरा फोकस पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास और आपदा प्रबंधन पर है। हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा और नदियों के उफान के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया जिले का दौरा करने का फैसला किया है। वे वहां खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे और पीड़ितों का हाल जानेंगे। इसके तुरंत बाद उनका कार्यक्रम देवरिया और गोरखपुर का है, जहां वे करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करके जनता को बड़ा तोहफा देंगे।

बलिया में बाढ़ का तांडव और मुख्यमंत्री का जमीनी दौरा
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गंगा और घाघरा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने आम जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिसके कारण तटवर्ती इलाकों और गांवों में पानी घुस गया है। हजारों एकड़ उपजाऊ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है। इस संकट की घड़ी में जनता को अकेला न छोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बलिया पहुंच रहे हैं। वे नाव और सड़क मार्ग के जरिए बाढ़ ग्रस्त इलाकों का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक सक्रिय करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राहत शिविरों का निरीक्षण और अधिकारियों को सख्त निर्देश
बलिया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राहत शिविरों का भी औचक निरीक्षण करेंगे। वे वहां रह रहे लोगों से सीधे बातचीत करके यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। पशुओं के चारे और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को यह आदेश दिया गया है कि बाढ़ का पानी उतरने के तुरंत बाद साफ-सफाई और संक्रामक रोगों से बचाव के लिए युद्ध स्तर पर एंटी लार्वा छिड़काव और मेडिकल कैंप लगाए जाएं।

देवरिया और गोरखपुर को करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री आपदा से निपटने के लिए बलिया में मौजूद रहेंगे, वहीं दूसरी तरफ वे पूर्वांचल के विकास के पहिए को रुकने नहीं देंगे। बलिया के बाद उनका अगला पड़ाव देवरिया और गोरखपुर होगा। इन दोनों जिलों में विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री लगभग सैकड़ों करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं में अत्याधुनिक सड़कों का निर्माण, ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाले पुल, स्वास्थ्य केंद्रों का आधुनिकीकरण, पेयजल योजनाएं और शिक्षा से जुड़ी कई सौगातें शामिल हैं। गोरखपुर और देवरिया में पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है जिससे यहां के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता आपदा प्रबंधन और विकास साथ-साथ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह कार्यशैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है। एक तरफ जहां संकट की घड़ी में वे जनता के बीच खड़े नजर आते हैं, वहीं दूसरी तरफ विकास के मोर्चे पर एक पल के लिए भी काम नहीं रुकता। आपदा प्रबंधन और दीर्घकालिक विकास को एक साथ लेकर चलना ही इस सरकार की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। विपक्षी दल भले ही तमाम बयानबाजी करें, लेकिन जमीन पर उतरकर जिस तरह से मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से हर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, उससे जनता का विश्वास सरकार के प्रति और अधिक मजबूत हो रहा है।

बलिया में बाढ़ के हालात का जायजा लेने के बाद देवरिया और गोरखपुर को मिलने वाली यह करोड़ों की सौगातें यह साबित करती हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री का यह दौरा यह संदेश देता है कि सरकार के लिए जनता की सुरक्षा और क्षेत्र का विकास सर्वोपरि है। आने वाले दिनों में इन विकास परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से पूर्वी उत्तर प्रदेश की तस्वीर और अधिक चमक उठेगी तथा बाढ़ प्रभावित परिवारों को भी इस संकट के दौर से बाहर निकलने में संबल मिलेगा।