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एक धमाके ने मचा दी तबाही, 11 मौतें और 24 घायल… कौशांबी के मलबे में अब भी कितने लोग दबे?

प्रयागराज। एयरफोर्स स्टेशन के पास मनौरी इलाके में सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लगने के बाद लगातार जोरदार धमाके होने लगे। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के कई मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।शाम करीब पांच बजे तक हादसे में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि करीब 22 घायलों को इलाज के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया। हालांकि, प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की संख्या की अंतिम पुष्टि राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही होने की बात कही गई है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।करीब एक घंटे तक होते रहे धमाकेप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पटाखा फैक्ट्री से धुआं उठता दिखाई दिया। इसके कुछ ही देर बाद एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। करीब एक घंटे तक पटाखों के फटने की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा।धमाकों की वजह से आसपास के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। कई घरों के हिस्से गिर गए और लोग जान बचाकर बाहर निकलने लगे। घटना की सूचना मिलने के बाद पूरामुफ्ती और पिपरी थाने की पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं।मलबे में दबे लोगों की तलाश जारीआग पर काबू पाने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। इसके लिए बुलडोजर भी मौके पर लगाए गए हैं। राहतकर्मी मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं।बताया गया कि पटाखा फैक्ट्री जिस मकान में संचालित हो रही थी, उसके आसपास अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी थीं। पास में बूंदी का कारखाना और आटा चक्की भी बताई जा रही है। हादसे के समय वहां कई लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है।11 मृतकों की सूची सामने आईअब तक सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे में जिन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, उनमें प्रियांजलि (5), प्रवीण सिंह (13), जाह्नवी (12), आदित्य (12), रवि (8), ज्ञान सिंह (40), एक अन्य आदित्य (8), अंजू (32), विक्रम सरोज (35), अंश (6) और नन्हा (4) शामिल हैं।हालांकि, अधिकारियों की ओर से सभी नामों की आधिकारिक पुष्टि और पहचान की प्रक्रिया जारी है।डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजाहादसे की गंभीरता को देखते हुए कौशांबी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए बचाव अभियान में लगी टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।एसीपी धूमनगंज रवि गुप्ता के मुताबिक, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गई थीं। आग पूरी तरह बुझने और मलबा हटाए जाने के बाद ही हादसे में हुए वास्तविक नुकसान और प्रभावित लोगों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी।पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसेमनौरी की घटना ने पटाखा निर्माण और भंडारण की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों की निगरानी में अब यह भी जांच की जाएगी कि जिस मकान में पटाखा बनाया जा रहा था, वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।बताया जाता है कि कुछ वर्ष पहले भरवारी में भी पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से तीन लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। मनौरी की ताजा घटना के बाद अवैध या असुरक्षित तरीके से पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी तेज हो सकती है।फिलहाल पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।