ब्रिटिश नागरिक बने मोहम्मद आमिर, पाकिस्तान क्रिकेट में वापसी की सभी उम्मीदें खत्म

पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने अब इस बात की पुष्टि कर दी है कि वे इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं लौटने वाले हैं, खासकर पाकिस्तान के लिए। उन्होंने साफ बता दिया है कि वे अब ब्रिटिश नागरिक बन गए हैं। दिसंबर 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले मोहम्मद आमिर का अब पाकिस्तान की नेशनल टीम में लौटने का कोई इरादा नहीं है, क्योंकि वे अब ब्रिटिश लोकल हैं।

मोहम्मद आमिर ने अपनी पत्नी नरजिस खान के जरिए ब्रिटिश नागरिकता और ब्रिटिश पासपोर्ट हासिल किया है। आमिर ने बताया कि उनके नए स्टेटस का मतलब है कि अब उन्हें काउंटी चैंपियनशिप और द हंड्रेड जैसे कॉम्पिटिशन में लोकल पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं माना जाएगा। इंग्लिश डोमेस्टिक क्रिकेट में लोकल के तौर पर रजिस्टर्ड खिलाड़ियों को यह बताना होगा कि वे लोकल खिलाड़ी के तौर पर किसी दूसरे देश को रिप्रेजेंट नहीं करेंगे।

लंबे समय तक पाकिस्तान के लिए खेलने वाले पेसर मोहम्मद आमिर ने क्रिकेट यूट्यूबर फुरकान भट्टी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “मैं अब एक ब्रिटिश लोकल हूं। जब आप काउंटी चैंपियनशिप और द हंड्रेड जैसे कॉम्पिटिशन में लोकल प्लेयर के तौर पर खेलते हैं, तो आपको एक डॉक्यूमेंट पर साइन करना होता है, जिसमें लिखा होता है कि आप लोकल के तौर पर किसी दूसरे देश के लिए नहीं खेल सकते। इसलिए, मेरा जो पाकिस्तान चैप्टर पहले था, वह अब क्लोज हो गया है।”

साभार : गूगल

मोहम्मद आमिर ने पाकिस्तान के लिए 36 टेस्ट, 61 वनडे और 62 टी20 मैच खेले। इनमें क्रमशः 119, 81 और 71 विकेट उन्होंने निकाले। 3 वर्ल्ड कप वे पाकिस्तान की टीम के लिए खेले, जिनमें 2019 का वनडे विश्व कप शामिल है, जिसमें वह 17 विकेटों के साथ पाकिस्तान के लीडिंग विकेट टेकर रहे। पाकिस्तान को 2009 में टी20 विश्व कप का चैंपियन बनाने और 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी जिताने में उनका अहम रोल था। 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन का शिकार किया था।

चूंकि, मोहम्मद आमिर को अब ब्रिटिश नागरिकता मिल गई है और उन्होंने इंग्लैंड के क्लब नॉटिंघमशायर को एक लोकल प्लेयर के तौर पर जॉइन किया है। ऐसे में अब वे इंग्लैंड की टीम के लिए भी आगे चलकर खेल सकते हैं और आईपीएल में भी अपना नाम रजिस्टर करा सकते हैं। हालांकि, पासपोर्ट मिलने में उन्हें दिक्कत आएगी, जो कई और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को आती है। अगर वे इस उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट इंग्लैंड के लिए खेलते हैं और पाकिस्तान के खिलाफ उतरते हैं तो देखकर मजा जरूर आएगा।